बिहार के जहानाबाद जिले के काको राजकीय विद्यालय में एक किशोरी (12) के साथ स्कूल के प्रिंसिपल और 3 अन्य शिक्षकों के द्वारा कथित तौर पर गैंगरेप किए जाने का मामला दर्ज किया गया था. मां की शिकायत पर पुलिस ने स्कूल के प्रिंसिपल अज्जु अहमद तथा शिक्षक अतुल रहमान, अब्दुल बारी और मोहम्मद शौकत के खिलाफ काको थाना में मामला दर्ज किया.

मानसिक रूप से विक्षिप्त इस किशोरी की मां ने सोशल मीडिया में इस बारे में एक सन्देश प्रसारित किया जो वायरल हो गया. जिसमे कहा गया कि ”मैं एक महिला शिक्षिका हूँ, उर्दू विद्यालय में कार्यरत हूँ। मेरी एक बेटी है जो विक्षिप्त है, उसे मैं हमेशा अपने साथ ही स्कूल ले जाती हूँ। मेरी बेटी के साथ मेरे विद्यालय के प्रधानाध्यापक अज्जु अहमद, शिक्षक अतुल रहमान , अब्दुल बारी, और मोहम्मद शौकत ने दुष्कर्म किया है। मैंने जब अपनी बेटी को देखा तो वह खून से लथपथ थी। घटना बिहार के जहानाबाद जिले के काको थाने की है।”

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इस खबर ने पूरे मीडिया और राज्य के महकमें में हलचल मचा दी. संवेदनशील इलाके में घटित इस घटना के आरोपित शिक्षक मुस्लिम और पीड़िता हिन्दू होने के कारण साम्प्रदायिक रंग भी दिया गया. लेकिन सभी शिक्षक पुराने और प्रतिष्ठित थे, सो सहसा किसी को यकीन नहीं हो रहा था, लेकिन मामला एक मानसिक रूप से दिव्यांग बच्ची के साथ जुड़ा था सो किसी ने भी आपत्ति नहीं जताई.

अब इस मामलें में एक बड़ा ही खुलासा हुआ हैं. पीडिता की माँ भी काको मध्य विद्यालय में टीचर के पद पर कार्यरत हैं. अपनी लापरवाहियों के कारण स्कूल स्टाफ और उसके बीच मनमुटाव चल रहा था. दरअसल, वह कभी भी समय से विद्यालय नहीं जाती थी और ज्यादातर गैर हाजिर रहती थी. टोकने पर वह शिक्षकों को भी धमकाती थी. जिसके कारण उस पर करवाई होनी थी.

इसी कारवाई से बचने के लिए उसने अपनी ही बच्ची के झूठे गैंगरेप की कहानी रची और मोहरा बनाया  स्कूल के प्रिंसिपल अज्जु अहमद तथा शिक्षक अतुल रहमान, अब्दुल बारी और मोहम्मद शौकत को. ताकि उसके ऊपर कोई कारवाई न हो. और उसकी नौकरी जाने से बच जाएँ. इसके लिए उसने पनी बच्ची के पहली माहवारी आने का गलत उपयोग किया और उसके दिव्यांग होने का फायदा उठाकर साजिश के तहत एफआईआर करा दी.

लेकिन अब इस पूरी कहानी पर से पर्दा उठ गया. मेडिकल रिपोर्ट में भी रेप की पुष्टि नहीं हुई. ना ही मेडिकल रिपोर्ट में कोई अंदरूनी या बाहरी चोट मिली. इसके आधार पर कहा जा सकता हैं कि दुष्कर्म नहीं हुआ हैं. फिर भी पुलिस लड़की के कपड़ो की फॉरेंसिक जांच का इन्तजार कर रही हैं.

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