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केरल के हादिया मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सामने आया है. हादिया उर्फ अखिला अशोकन के निकाह को फिर से बहाल कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने केरल हाई कोर्ट के फैसले को भी बदल दिया है. जिसमें शादी की वैधता को रद्द किया गया था. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद हादिया अब अपने पति के साथ रह सकेंगी.
आपको बता दें कि, कोर्ट ने कहा कि इस मामले के हर पहलुओं की जांच जारी रखी जा सकती है. कोर्ट के बाहर पति शफी के वकील ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसले हादिया को आज़ादी देने के रूप में लिया है. सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट का फैसला पलटते हुए कहा कि हादिया की शादी को रद्द करने का फैसला पूरी तरह गलत था. कोर्ट ने कहा कि हादिया अपनी पढ़ाई जारी रख सकती है और जो वह चाहती हैं कर सकती हैं.
पिछले साल हादिया ने इस्लाम क़ुबूल करके शफी जहां नाम के शख्स से निकाह कर लिया था. जिसके बाद लड़की के पिता अशोकन केएम ने इस मामले को लेकर कोर्ट में गुहार लगाई थी. केरल हाईकोर्ट ने इसे ‘लव जिहाद’ का मामला मानते हुए शादी को रद्द कर दिया था. हादिया के पति शफी ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल नवंबर में हादिया को तमिलनाडु के सलेम स्थित होम्योपैथिक कॉलेज में अपनी पढाई जारी रखने की इजाज़त दी थी. आपको बता दें कि फैसले कहा कि हादिया किसी की कस्टडी में नहीं रहेगी. पहले भी  इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने NIA को झटका देते हुआ कहा था कि हादिया बालिग हैं और उन्हें अपनी मर्जी से शादी करने का पूरा हक़ है.
चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय बेंच ने कहा कि अगर लड़का-लड़की कहते हैं कि उनकी शादी हुई है तो इस पर जांच नहीं की जानी चाहए. हालांकि, कोर्ट ने लव जिहाद के मामलों पर NIA की जांच का आदेश वापस लेने पर कुछ नहीं कहा है.
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