तहरीक-ए-औलिया-ए-जम्मू-कश्मीर को सर्वश्रेष्ठ उर्दू किताब के रूप में चुना गया हैं. यह किताब वली मोहम्मद भट द्वारा लिखी गई हैं. इस किताब में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख सहित राज्य के विभिन्न भागों और नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार स्थित 400 से अधिक औलिया अल्लाह की जीवनी दी गई हैं.

जम्मू-कश्मीर की कला, संस्कृति एवं भाषा अकादमी के सचिव डॉ अजीज हाजीनी के अनुसार, इस किताब में जम्मू-कश्मीर के सूफी संतों, हजरत शाह बुलबुल साहिब से लेकर दरवेश मोहम्मद इशाक तक के औलिया सम्मिलित हैं.

किताब के लेखक वली मोहम्मद भट ने बताया कि मूल रूप से यह किताब उर्दू में लिखी गई हैं. साथ ही इसका अंग्रेजी सहित अन्य भाषाओँ में भी अनुवाद किया गया हैं.

2013 में प्रकाशित यह 848 पेजों वाली यह किताब सूफीवाद पर भारत शासित जम्मू-कश्मीर और पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) के सूफियों का प्रामाणिक दस्तावेज है.


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