तमिलनाडु के तिरुचि में स्थित इनामकुलातूर के समाथुवापुरम कालोनी में पेरियार ईवी रामास्वामी की प्रतिमा का अपमान करने का मामला सामने आया है। पेरियार’ की मूर्ति पर शरारती तत्वों ने भगवा रंग डाल प्रतिमा को चप्पलों की माला पहना दी।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने प्रतिमा की साफ सफाई कराने के बाद प्रतिमा को खंडीत करने और क्षति पहुंचाने की कोशिश करने का मामला दर्ज किया गया है। डीएमके प्रमुख एम के स्टालिन सहित राजनीतिक नेताओं ने इस घटना की निंदा की।

अपने फेसबुक पोस्ट पर स्टालिन ने कहा ऐसा करने वालों का लोग बहिस्कार करेंगे। पेरियार मूवमेंट ड्रविडऩ कषगम के सिर्फ नेता ही नहीं बल्कि तमिलों के नेता भी थे। उन्होंने कहा कि अगर असामाजिक तत्व इस प्रकार की क्रिया करते रहेंगे तो जनता उनका बहिस्कार करेगी। प्रतिमा को क्षति पहुंचा कर लोगों को लगता है कि वे पेरियार को अपमानित कर रहे हैं, लेकिन सही मायने में ऐसा कर वे खुद को अपमानित करते हैं। मै इस घटना की सख्ती से निंदा कर कार्रवाई की मांग करता हूं।

पीएमके संस्थापक एस. रामदास ने भी प्रतिमा के साथ हुए छेड़छाड़ मामले की सख्ती से निंदा कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। एमडीएमके संस्थापक और राज्य सभा सांसद वाइको और एएमएमके नेता टीटीवी दिनकरण समेत अन्य नेताओं ने भी घटनाक्रम की सख्ती से निंदा की। साथ ही कहा कि ऐसे आरोपियों को कानून के तहत सख्त सजा मिलनी चाहिए।

राज्य के उपमुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम ने मामले की संख्ती से निंदा करते हुए कहा कि ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा स्थानीय लोगों ने दिंडीगुल हाइवे के पास प्रदर्शन कर आरोपियों के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की। पुलिस द्वारा कार्रवाई का आवश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन को रोक दिया। उल्लेखनीय है कि गत 17 जुलाई को भी कोयम्बत्तूर स्थित सुंदरपुरम में पेरियार मूर्ति पर कुछ असमाजिक तत्वों ने भगवा रंग फेंक कर प्रतिमा को भी क्षति पहुंचाने की कोशिश की थी।

वहीं डिंडीगुल राजमार्ग पर स्थानीय लोगों ने कुछ समय के लिए यातायात अवरुद्ध किया, बर्बरता के खिलाफ प्रदर्शन किया। पुलिस की तरफ से कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद यह प्रदर्शन रुका। देने के बाद तितर-बितर किया।

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