Saturday, June 19, 2021

 

 

 

रामनवमी हिंसा: राखी बांध बोले हिन्दू-मुसलमान – ‘दंगे हमारी संस्कृति में नहीं’

- Advertisement -
- Advertisement -

रामनवमी के बाद से ही पश्चिम बंगाल सांप्रदायिक हिंसा की चपेट में है. अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है. विशेषकर रानीगंज और आसनसोल में हालात बेहद ही खराब रहे. ऐसे में अब हिन्दू-मुसलमानों ने मिलकार दंगाइयों को जवाब देने की कोशिश की है.

प्यार और मुहब्बत को अपना हथियार बनाकर सड़कों पर निकले हिन्दू-मुसलमानों ने आपस में एक-दुसरे को राखी बाँध दंगाइयों को पैगाम दिया कि दंगे हमारी संस्कृति में नहीं है.

बांग्‍ला सांस्‍कृतिक मंच ने शुक्रवार को कोलकाता में एकेडमी ऑफ फाइन ऑर्ट्स के बाहर एक कार्यक्रम आयोजित किया. यहां विभिन्‍न धर्मों से ताल्‍लुक रखने वाले लोगो धार्मिक आधार पर भेदभाव की निंदा करने को एकत्र हुए.

west bengal 2018032710190304 650x

आयोजनकर्ता मंच के अध्‍यक्ष समीरुल इस्‍लाम ने कहा, ”दो समुदायों के बीच ऐसी हिंसा देखना बंगाल की संस्‍कृति नहीं है. यह रबींद्रनाथ टैगोर और नजरुल इस्‍लाम की धरती है जिन्‍होंने हमें धार्मिक सद्भाव सिखाया है.

इस कार्यक्रम के जरिए, हम लोगों को एक मजबूत संदेश देना चाहते हैं कि हम हिन्‍दू और मुसलमानों के बीच एकता के लिए खड़े हैं. यहां इन दो धर्मों के लोग एक-दूसरे को राखी बांधेंगे ताकि यह संदेश दूर तक और स्‍पष्‍ट रूप से जाए.”

यह संस्‍था ऐसे ही कार्यक्रम रानीगंज और आसनसोल में 14 अप्रैल को (बंगाली नववर्ष) पर आयोजित करेगी. मंच के महासचिव तन्‍मय घोष ने लोगों से राज्‍य में शांति बनाए रखने की अपील की. उन्‍होंने कहा, ”यह और हिंसा भड़काने का समय नहीं, सांप्रदायिक सद्भाव पैदा करने का वक्‍त है.”

कार्यक्रम में शिरकत करने वाले भाषा व चेतना समिति के महासचिव व बिधाननगर कॉलेज में असिस्‍टेंट प्रोफेसर, इमानुल हक ने कहा, ”पश्चिम बंगाल के गांवों में, ईद में हिन्‍दू बहुत कम अपने घरों में खाना खाते हैं. इसी तरह, हिन्‍दू त्‍योहारों के समय मुस्लिम पंडालों और हिन्‍दू घरों में खाना खाते हैं. यह हमारी परंपरा रही है और हमें इसकी रक्षा करनी होगी. यहां तक कि हिन्‍दू शादियों में, हम मेहमानों को बिरयानी सर्व होते देखते हैं. यह एक उदाहरण है कि कैसे दोनों समुदाय एक-दूसरे एक जुड़े हुए हैं…”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles