लखनऊ : उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर का नाम बदलने का सुझाव दिया है, जिसे मान्यता मिल गई है. अब सभी सरकारी दस्तावेजों में भीमराव अंबेडकर के नाम में रामजी को जोड़ा जाएगा.

बता दें कि ‘रामजी’ डॉ बीआर अंबेडकर का मिडिल नाम है. ऐसे में अब अब उत्तर प्रदेश के सरकारी रिकॉर्ड में बाबा साहेब के नाम के साथ रामजी भी जोड़ना होगा.

राम नाईक ने कहा है कि बाबा साहेब अम्बेडकर का नाम जो सभी वर्तमान में लिखते हुए आए हैं वह सही नहीं है. उनका पूरा और सही नाम डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर है, इसलिए इसे बदलना चाहिए.

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राज्यपाल के सुझाव को स्वीकारते हुए योगी सरकार ने डॉ अंबेडकर के मिडिल नेम का इस्तेमाल अब सरकारी कार्यों के लिए अनिवार्य कर दिया है. अब सरकारी दस्तावेजों और रिकॉर्ड में भीमराव रामजी अंबेडकर लिखा जाएगा.

बुधवार (28 मार्च) को यूपी सरकार ने डॉ. भीमराव अंबेडकर का नाम नाम बदलकर डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर करने के लिए सभी विभागों और इलाहाबाद-लखनऊ की सभी हाई कोर्ट की बेंचों को आदेश जारी किया है.

इस मामले में समाजवादी पार्टी के नेता दीपक मिश्रा ने कहा कि भीमराव अम्बेडकर के नाम के साथ रामजी जोड़कर यूपी की सत्तासीन योगी सरकार नया गेम प्लान खेल रही है. उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के नाम के साथ राम जोड़कर बीजेपी हिंदुओं को लुभाने की कोशिश कर रही हैं.