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उन्नाव गैंगगरेप केस में आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सीबीआई ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले में पीडिता ने अब विधायक पर गंभीर आरोप लगाए है.

पीड़िता ने कहा कि आरोपी विधायक और उसके परिवार के शुरू से सही नजदीकी मैत्रीपूर्ण रहे है. जिसकी वजह से वह और उसके भाई-बहन विधायक को ‘भइया’ कहते थे. पिछले साल जून में विधायक ने उसे ‘नौकरी’ देने के बहाने बुलाया और उसकी अस्मत लुट ली.

पीड़िता ने बताया कि ‘पिछले साल 4 जून की बात है. मुझे एक कमरे में जाने के लिए कहा गया, जहां उसने मेरे साथ रेप किया। बाद में मुझसे कहा गया कि अगर मैंने इस बारे में किसी को बताया तो मेरे पिता और परिवार को मार दिया जाएगा. मैंने इसके बारे में किसी को नहीं बताया. हालांकि, कुछ दिन बाद 11 जून को उसके कुछ लोगों ने मेरा अपहरण कर लिया. उन्होंने कुछ दिनों तक मेरा गैंगरेप किया और मुझे किसी को बेच दिया. वहां से मुझे छुड़ाया गया.

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पीड़िता ने कहा, ‘हम सब उनको भैया कहते थे. हमारे बड़े पापा उनके साथ थे. कभी कभी वो (विधायक) घर आते थे और दादी से कहते थे कि अंडा फ्राई करके खिलाओ तो दादी उन्हें बनाकर खिलाती थी.’

पीड़ित ने बताया कि पिछले साल गैंगरेप की वारदात के बाद जब वह घर लौटी तो वह अपने रिश्तेदार के पास दिल्ली चली गई. पीड़ित ने बताया, ‘दिल्ली में पहली बार मैंने अपनी चाची को इस घटना के बारे में बताया, जिसके बाद उन्होंने चाचा को जानकारी दी.’

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पीड़ित ने आगे बताया, ’17 अगस्त 2017 को मैं और चाचा लखनऊ गए और वहां सीएम योगी आदित्यनाथ के घर पर अपनी दरख्वास्त दी. उन्होंने हमारी दरख्वास्त किसी और व्यक्ति को सौंप दी और कुछ नहीं हुआ.’ पीड़ित ने आगे बताया कि जब सीएम से निजी तौर पर मिलने से भी कुछ नहीं हुआ तो उसने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, यूपी डीजीपी को चिट्ठी लिखकर मदद मांगी.

पीड़ित के मुताबिक, इसके बाद भी कुछ नहीं हुआ. और तो और, पुलिसवालों ने नसीहत दी कि वह इस मामले में बीजेपी विधायक को न लाए. लेकिन पिछले हफ्ते जब पीड़ित ने अपने पिता के साथ मारपीट की घटना सुनी तो उसने अगली ट्रेन पकड़कर लखनऊ पहुंची ताकि सीएम आदित्यनाथ से मुलाकात कर सके.