Saturday, November 27, 2021

न गोरखपुर छोडूंगा और न इंडिया, यहीं रहूँगा, यहीं लडूंगा – डॉ कफील खान

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गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत के मामले में जेल में बंद डॉ. कफील अहमद खान को महीनों जेल में बिताने बेल तो मिल गई. लेकिन वे आज भी पिछले दिनों को याद कर सहम जाते है.

डॉ कफील का कहना है कि वो त्रासदी ‘पूरी तरह से प्रशासनिक लापरवाही’ थी. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें और उनके परिवार को सरकार की ओर से परेशान किया गया और धमकी दी गई.

उन्होंने आगे बताया कि पूरे मामले को दबाने के लिए पहले इस बात को मानने से इनकार किया गया. फिर सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई गई. मुझे बदनाम करने के लिए मेरे खिलाफ एक अभियान शुरू किया गया.

डॉ कफील ने कहा, “हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि मेरे खिलाफ कोई सबूत नहीं है. आप जानते हैं कि पिछले 8 महीनों में मेरे परिवार पर क्या बीती है. मुझे नहीं पता कि मेरी गलती क्या है.”

उन्होंने कहा, “उस दिन मैंने जो कुछ किया, वो एक पिता, डॉक्टर और एक भारतीय होने के नाते किया. मेरा काम वहां बच्चों को बचाना था.’’

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