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बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली बीजेपी की कठुआ और उन्नाव रेप के केस के चलते दुनिया भर में किरकिरी हो रही है. दोनों ही मामलों में पार्टी शुरू से ही आरोपियों के साथ खड़ी नजर आई.

अब उन्नाव रेप केस में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने योगी सरकार को खरी-खरी सुनाई है. हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस दिलीप बी भोसले ने शुक्रवार को कहा किसरकारी तंत्र ने आरोपी विधायक पर कार्रवाई नहीं की बल्कि उल्टे उसके गुर्गों को अपने हाथ में कानून लेने की छूट दी. इस वजह से पीड़िता के पिता की न सिर्फ पिटाई की गई बल्कि इस पिटाई से उसकी मौत भी हो गई.

होई कोर्ट ने योगी सरकार को फटकार लगाते हुए कहा है कि सरकारी अधिकारियों ने इलाके में फैलाए जा रहे आतंक के खिलाफ एक भी कदम नहीं उठाया बल्कि आरोपियों का ही साथ दिया.

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हाई कोर्ट ने कहा है कि सरकारी तंत्र की विफलता की वजह से ही आरोपी का मन बढ़ा और उसने गवाहों को डराया-धमकाया और सबूतों को नष्ट करने की कोशिश की.

हाई कोर्ट ने कहा कि अगर साल भर पहले सीएम योगी आदित्यनाथ के कार्यालय की तरफ से एक्शन के नाम पर रस्म अदायगी भर नहीं होती और सख्त कार्रवाई होती तो पीड़िता का पिता नहीं मरता.

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