फुरकान एनकाउंटर पर हाईकोर्ट ने योगी सरकार से जवाब किया तलब

6:34 pm Published by:-Hindi News
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मुजफ्फरनगर में हुए कथित फर्जी एनकाउंटर के आरोपी एसटीएफ और पुलिसकर्मियों के खिलाफ दायर की गई याचिका पर लाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रदेश सरकार से जवाब तलब किया है.

आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने को लेकर दायर की गई इस याचिका पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार समेत सभी पक्षकारों को नोटिस जारी कर तीन हफ्ते में जवाब मांगा है. कोर्ट ने एसएसपी और सीजेएम मुजफ्फरनगर को एनकाउंटर में शामिल पुलिस और एसटीएफ के 16 कर्मियों को नोटिस तामील कराने का भी आदेश दिया है. मामले की सुनवाई तीन हफ्ते के बाद होगी.

बता दें कि मुजफ्फरनगर की बुढ़ाना पुलिस और एसटीएफ ने 22 अक्टूबर 2017 को फुरकान का एनकाउंटर कर दिया था. पुलिस ने फुरकान के पिता को इसकी कोई जानकारी नहीं दी. फुरकान के पिता मीर हसन कई दिनों तक बुढ़ाना पुलिस स्टेशन से लेकर एसएसपी दफ्तर का चक्कर लगाते रहे. जिसके बाद पुलिस ने फुरकान का शव उन्हें सौंपा. इसके अलावा  फुरकान के साथ ही पुलिस ने दो अन्य युवकों अनीस और राहुल को भी एनकाउंटर में पैर में गोली मारी थी, जो मुजफ्फरनगर जेल में बन्द हैं.

फुरकान के पिता के अनुसार जब उन्होंने जेल में बन्द दोनों युवकों से मुलाकात की तो उन्हें जानकारी हुई कि फुरकान पत्नी के साथ बाजार में खरीददारी करने गया था. जहां से पुलिस उसे उठा कर ले गई और फर्जी एनकाउंटर में उसे मार दिया. पीड़ित पिता ने पहले डीजीपी से लेकर मानवाधिकार आयोग में पत्रचार किया. लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर 19 दिसम्बर 2017 को सीजेएम मुजफ्फरनगर की अदालत में अर्जी दाखिल कर दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की. जिसे 16 जनवरी 2018 को सीजेएम कोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी.

इस मामले में अब कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि क्या पुलिस के पास कोई लाइसेन्स है कि वह किसी को गोली मार दे.

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