बहुजन समाज पार्टी के विधायक मुख्तार अंसारी के राज्यसभा चुनाव में मतदान करने पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है. बांदा जेल में बंद मुख्तार ने विशेष न्यायाधीश एससीएसटी गाजीपुर की अदालत में अर्जी दी थी, जिस पर विशेष न्यायाधीश ने उनको मतदान की इजाजत दे दी थी.

हाईकोर्ट ने विधायक को नोटिस भी जारी किया है. कोर्ट ने कहा है कि आदेश की प्रति फैक्स के जरिए बांदा जेल अधिकारियों को भेज दी जाए. राज्य सरकार की याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति राजुल भार्गव ने कहा कि विशेष न्यायाधीश ने बिना तारीख वाले प्रार्थनापत्र पर आदेश पारित किया है. मतदान की अनुमति देते समय उन्होंने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों पर ध्यान नहीं दिया, इसलिए यह आदेश उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है.

बता दें कि मुख्तार अंसारी ने बांदा जेल अधीक्षक के माध्यम से गाजीपुर के विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) को पत्र लिखा, जिसपर 20 मार्च को विशेष न्यायाधीश ने 23 मार्च को सुबह नौ बजे विधानसभा में उपस्थित होकर मतदान में हिस्सा लेने की अनुमति दे दी.

राज्य सरकार की तरफ से एजीए एके संड व विकास सहाय ने अपनी बहस में कहा कि विशेष न्यायाधीश ने सरकार को सुने बगैर एकपक्षीय आदेश दिया है. यह भी कहा गया कि इससे पहले भी उसे ऐसी अनुमति दी गई है. इन सरकारी वकीलों का कहना था कि जन प्रतिनिधित्व कानून की धारा 62 (5) के तहत जेल में निरुद्ध व्यक्ति को मतदान की अनुमति नहीं दी जा सकती.

कोर्ट ने मतदान करने के आदेश पर रोक लगाते हुए अगली सुनवाई के लिए नौ अप्रैल की तिथि नियत की है. बता दें की मतदान 23 मार्च को होना है

मुस्लिम परिवार शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें

Loading...

विदेशों में धूम मचा रहा यह एंड्राइड गेम क्या आपने इनस्टॉल किया ?