Sunday, October 17, 2021

 

 

 

‘368 साल के इतिहास में पहली बार हिली ताज की मीनारें’

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बुधवार रात आए तूफान से देश के उत्तरी इलाके में काफी नुकसान पहुंचा. जिससे आगरा स्थित विश्वप्रसिद्ध इमारत ताजमहल भी अछूती न रह सकी. 368 साल के इतिहास में पहली बार ताजमहल को बड़ा नुकसान पहुंचा है.

इस तूफ़ान से ताजमहल की एक की खिड़की का पल्ला टूट गया. इतना ही नहीं मीनार के ऊपरी हिस्से की खिड़की उखड़ गई. आगरा के इतिहासकार ने बताया कि पहली बार कुदरती कहर से ताज के मुख्य ढांचे को नुकसान पहुंचा है. अप्रैल 2015 में आए भूकंप में भी इसे नुकसान नहीं हुआ था.

इसके अलावा फतेहपुर सीकरी में सलीम चिश्ती की दरगाह परिसर में बादशाही दरवाजे के बरामदे का छज्जा भी टूट गया, वहीं जनाना रोजा की दो बुर्जियों के छज्जे भी टूटे हैं. रंग महल के ऊपरी हिस्से के पत्थर गिरे हैँं.

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बता दें कि गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को आंधी तूफान आने की एक ताजा चेतावनी जारी की गई है. मंत्रालय ने कहा कि पिछले दो दिनों के दौरान पांच राज्यों में आंधी तूफान और आकाशीय बिजली गिरने से 124 व्यक्तियों की मौत हो गई और 300 से अधिक घायल हुए हैं. सबसे अधिक 73 व्यक्तियों की मौत उत्तर प्रदेश में हुई जबकि 91 अन्य घायल हो गए.

गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि राज्य में अधिकतर मौतें और लोगों के घायल होने की घटनाएं आगरा क्षेत्र में हुई. राजस्थान में कुल मिलाकर 35 व्यक्तियों की मौत हुई और 206 घायल हो गए. वहीं तेलंगाना में आठ, उत्तराखंड में छह और पंजाब में दो व्यक्तियों की मौत हुई है. तेलंगाना, उत्तराखंड और पंजाब में करीब 100 व्यक्ति घायल हुए हैं.

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