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उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से दलित भेदभाव का मामला सामने आया है. जिसमें एक डॉक्टर ने सिर्फ इसलिए इलाज नहीं किया क्योंकि वह जाति से दलित था. इतना ही नहीं डॉक्टर ने उसे स्ट्रेचर से भी धक्का दे दिया.

मामला यूपी के जौनपुर जिले का है. मछलीशहर के परसूपुर के रहने वाले केशल प्रसाद अपने पिता नरेंद्र प्रसाद की इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आए थे. लेकीन दलित होने की वजह से डॉक्टर ने उनके बुजुर्ग पिता को छूने से इनकार कर दिया.

उन्होंने बताया कि डॉक्टर ने मरीज को छूने के एवज में उनसे 1000 रुपए मांगे. जब उन्होंने विरोध किया तो डॉक्टर भड़क गए और स्ट्रेचर पर पड़े उनके पिता को जोर से धक्का दे दिया. जिसे उनके पिता की मौके पर ही मौत हो गई.

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केशव का कहना है कि इस मामले में थाना मछली शहर और पुलिस अधीक्षक से शिकायत की गई. लेकिन डॉक्टर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई. हालंकि अस्पताल प्रशासन ने इस पूरी घटना से इनकार किया है.

हालांकि दलित उत्पीड़न का ये पहला मामला नहीं है. राज्य में योगी सरकार के गठन के साथ दलित उत्पीड़न के मामलों में तेजी आई है.

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