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उत्तर प्रदेश के देवबंद शहर के काज़ी मुफ्ती अज़हर हुसैन की और से ऐलान किया गया कि देवबंदी उलेमा अब वह उन विवाह समारोह में निकाह नहीं पढ़ाएंगे जिनमे डीजे और बैंड बाजे बजाएं जाएंगे.

मुफ्ती अज़हर हुसैन का कहना है कि ये सब इस्लाम के खिलाफ है, हम इस तरह की शादी से किनारा करेंगे. हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि अगर निकाह से पहले संगीत या डांस होता है तो ये अलग मामला है.

उन्होंने कहा है कि अगर निकाह से पहले गाना और डांस हो चुका हो, तो निकाह कराया जा सकता है. हालांकि इसमें भी एक शर्त है, वह यह कि इस बारे में काज़ी को पता ना हो. मतलब अगर निकाह से पहले गाना और डांस हो चुका हो और काज़ी इससे अनजान हो, तो कोई समस्या नहीं है.

काजी मुफ्ती अज़हर हुसैन ने देशभर के काजियों से इस निर्णय पर सहमति देने की अपील करते हुए कहा कि ऐसा करने वालों की शादी में निकाह न पढ़ाया जाए. उन्होंने कहा कि शरीयत में गाना बजाना वह नाच गाना करना नाजायज है इसलिए मुस्लिम समाज को इस तरह की कुरीतियों से बचना चाहिए.


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