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एससी-एसटी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट की और से किये गए बदलाव के बाद सोमवार को दलित संगठनों की और से सोमवार को भारत बंद बुलाया गया. इस आंदोलन में करीब 14 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए.

इसी बीच राजस्थान के करौली जिले के हिंडौन कस्बे के जाटव बस्ती में हजारों अनुसूचित जाति के लोगों ने इस्लाम धर्म अपनाने की धमकी दी है. दरअसल दलितों का कहना है कि ऊंची जाति के लोगों ने हमारे पहचान पत्र चेक कर हमारी पिटाई की.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार,  बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर की मूर्ति के सामने इकट्ठा होकर दलित समुदाय के लोगों ने अपना दर्द बयां किया. दलित समुदाय के एक शख्स ने बताया कि हिंडौन सिटी की जाटव बस्ती में भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के पास भारी तादाद में सर्वण इकट्ठा हुए और आईडी कार्ड से पहचान कर मारपीट की.

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पीड़ित अश्विनी जाटव ने बताया कि मारपीट करने से पहले उन्होंने हमारा आईडी कार्ड चैक किया. उसने बताया कि वे सभी ऊंची जाति के थे. उन्होंने महिलाओं को भी नहीं छोड़ा, उनके साथ भी मारपीट की. लेकिन पुलिस इस बात से इनकार कर रही है.

मामले को लेकर जिला कलेक्टर सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रत्यक्ष तौर पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. लेकिन जिला कलेक्टर के कहने पर जिला शिक्षा अधिकारी और जाटव समाज के पूर्व जिला निर्वाचन अधिकारी रहे ताराचंद जाटव ने हिंदू धर्म में पूर्ण आस्था जताते हुए इस्लाम धर्म अपनाने की अफवाहों और बातों से स्पष्ट इंकार कर दिया.

वहीँ बीजेपी विधायक राजकुमारी जाटव ने कहा कि सोमवार को एससी/एसटी एक्ट के लिए भारत बंद के आह्वान के दिन प्रदेश में दो दलित नेताओं के घर पर हमला हुआ है. उन्होंने कहा है कि जिस वक्त राजनेताओं के घर पर हमला हुआ है वो वहां मौजूद नहीं थे.


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