अजमेर । सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के 806वें उर्स में शिरकत करने आए लाखों जायरीनों का सैलाब देखने को मिला. जुमे की नमाज के लिए नमाजियों की कतारें दरगाह बाजार, धानमंडी, देहली गेट, महावीर सर्किल, नला बाजार, मदार गेट, स्टेशन के बाहर तक लग गई.

नमाज के लिए शुक्रवार सुबह दस बजे बाद से ही जायरीन दरगाह परिसर में बैठने लगे. जिससे परिसर कुछ ही देर में भर गया. बाद में दरगाह से निकल दरगाह बाजार, नला बाजार, लंगरखाना गली आदि जगहों, सड़कों पर नमाजियों ने बैठना शुरू कर दिया. नमाज के बाद दरगाह परिसर खाली होने से पहले नमाजियों का प्रवेश रोक दिया गया.

अजमेर शरीफ

तीन बजे बाद जियारत का सिलसिला फिर से शुरू हुआ. जो लगातार चार घंटे तक चला. दरगाह की जियारत का सिलसिला बंद होने के बाद जैसे ही खुला, दरगाह परिसर व आस-पास का क्षेत्र कव्वाली, ढोल की आवाज और ख्वाजा साहब की शान में लगने वाले नारों से गूंज गया.

परंपरा के अनुसार उर्स के कुल की रस्म दरगाह के महफिल खाना मे सुबह 11बजे शुरू होगी. दरगाह दीवान सय्यद ज़ैनुलआब्दीन की सदारत में यह महफिल होगी. शाही कव्वाल असरार हुसैन और साथी सूफियाना कलाम पेश करेंगे. दोपहर डेढ़ बजे कुल की रस्म अदा करने दरगाह दीवान आस्ताना शरीफ पहुंचेंगे. इसके साथ ही जन्नती दरवाजा बंद हो जाएगा. तोप दागी जाएगी. शादियाने बजाय जाएंगे. इसके साथ ही उर्स का समापन होगा.

उर्स के बड़े कुल की रस्म खादिमों द्वारा 28 मार्च को सम्पन्न कराई जाएगी. दरगाह शरीफ की केवड़े ओर गुलाब जल से धुलाई की जाएगी. इसके साथ ही 806वे उर्स का विधिवत समापन हो जाएगा.

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