गौरक्षा के नाम पर करीब 2 साल पहले हुए गुजरात के ऊना में दलित समुदाय के लोगों की बेदर्दी के साथ पिटाई की गई थी, इस घटना का वीडियो दुनिया भर में वायरल हुआ था. ‘गोरक्षकों’ के हाथों दर्दनाक यातना झेलने वाले दलित समुदाय के इन लोगों ने अब हिन्दू धर्म छोड़ने का फैसला किया है.

ध्यान रहे गाय की खाल निकालने पर  ‘गोरक्षकों’ ने वशराम और उनके तीन अन्य भाइयों की बेरहमी से पिटाई की थी. घटना का वीडियो वायरल होने के बाद गुजरात सहित देश भर में दलितों ने प्रदर्शन किया था. प्रदर्शन के दौरान एक दलित युवक ने आत्महत्या भी कर ली थी.

ऊना कांड के एक पीड़ित वशराम सर्वइया ने कहा कि ऊना कांड के चारो पीड़ित हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपनाने जा रहे है. उन्होंने कहा कि सिर्फ वो ही लोग बौद्ध धर्म नहीं अपना रहे हैं, बल्कि वह अत्याचार के शिकार बाकी लोगों को भी हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपनाने को कहेंगे.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

साल 2012 में थानगढ़ घटना में मारे गए एक युवक के पिता का कहना है कि हम हिंदू धर्म छोड़ने और बौद्ध धर्म अपनाने के लिए तैयार हैं. हत्यारे हमें हिंदू नहीं मानते और इसीलिए उन्होंने हमारे बच्चों की हत्या की. ऐसे में हम इस धर्म में नहीं रह सकते हैं

ध्यान रहे ऊना कांड के पीड़ितों ने इससे पहले बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के जन्मदिवस 14 अप्रैल को हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपनाने का फैसला किया था. लेकिन बाद में बड़े पैमाने पर धर्मांतरण के लिए कार्यक्रम आयोजित करने के उद्देश्य से 29 मई को बौद्ध धर्म अपनाने का फैसला किया है.

पीड़ितों का कहना है कि अब बुद्ध पूर्णिमा पर धर्मांतरण किया जाएगा, क्योंकि इस दिन ही भगवान बुद्ध को निर्वाण की प्राप्ति हुई थी.