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दक्षिण दिल्ली के साकेत में स्थित खिड़की मस्जिद में नमाज पढ़ने के अधिकार के सबंध में मुस्लिम समुदाय ने हाई कोर्ट जाने की तैयारी कर है.

दरअसल, हाल ही में मस्जिद के बाहर लगे बोर्ड से मस्जिद शब्द को हटा दिया गया, जिसके बारे में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक से शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हु. ऐसे में इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जायेगा.

वकील शाहिद अली ने बताया कि मस्जिद में नमाज पढ़ने की इजाजत के लिए अगले सप्ताह में कोर्ट में अर्जी दाखिल की जाएगी. उन्होंने बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग कहना है कि नियमों के मुताबिक संरक्षित मस्जिद या किसी इस तरह के दूसरे स्थान पर जिसे पुरातत्व विभाग देख रहा हो, वहां पर नमाज पढ़ना या कोई इस तरह का काम करना निषेध है.

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बता दें कि खिड़की मस्जिद का निर्माण फ़िरोज़ शाह तुग़लक़ के प्रधानमंत्री खान-ई-जहान जुनैन शाह ने 1380 में करवाया था. मस्जिद के अंदर बनी खूबसूरत खिड़कियों के कारण इसका नाम खिड़की मस्जिद पड़ा. यह मस्जिद दो मंजिला है. मस्जिद के चारों कोनों पर बुर्ज बने हैं जो इसे किले का रूप देते हैं. तीन दरवाजों पर मीनारें बनी हैं.

दिल्ली सहित देश भर में बहुत सी तारीखी मस्जिदें संरक्षित कैटेगरी में है, जिसके तहत इन मस्जिदों में मुस्लिम समुदाय के इबादत करने पर रोक लगाई हुई है.

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