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बिहार में नीतीश सरकार की और से लगातार उर्दू की अनदेखी की जा रही हैं. जब अपना हक़ मांगने को लेकर उर्दू शिक्षक सड़कों पर उतरे तो पुलिस ने उनकी बेदर्दी से पिटाई की.

पटना के करगिल चौक पर हुए उर्दू टीईटी ग्रेस पास उम्मीदवारों पर लाठीचार्ज में घायल एक अभ्यर्थी की हालत गंभीर हो गई है. बताया जा रहा है कि लाठीचार्ज में उसका सिर फट गया था. घायल होने के बाद भी पुलिस उसे मारती रही. घायल अभ्यर्थी चंपारण का इकरामुल हक है.

उर्दू टीईटी संघ के प्रदेश अध्यक्ष मुफ्ती हसन रजा अमजदी ने कहा कि अब तक इकरामुल बेहोशी की हालत में है. पीएमसीएच में उसे भर्ती नहीं लिया गया. अन्य जगहों पर इलाज चल रहा है.

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अमजदी ने कहा कि आज 5 साल से 12 हज़ार उर्दू TET उम्मीदवार सड़कों पर जिंदगी गुजार रहे हैं. और फरियाद कर रहे हैं, लेकिन उनकी फरियाद सुनने वाला कोई नहीं है. जब यह उम्मीदवार इंसाफ के लिए खामोश प्रदर्शन कर रहे थे. तब पुलिस ने उन पर लाठी चार्ज कर दिया और दर्जनों उर्दू शिक्षक जख्मी हुए. जिनमे एक की स्थिति चिंताजनक है.

उधर, न्यायिक टीईटी संघ ने शुक्रवार को बैठक कर निर्णय लिया कि 19 मार्च को हाईकोर्ट में केस किया जाएगा. संघ की मांग है कि 150 अंकों की परीक्षा हुई तो 150 अंकों पर रिजल्ट दिया जाए.