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हिन्दू नववर्ष के मौके पर भागलपुर जिले में सांप्रदायिक हिंसा फैलाने को लेकर मोदी केबिनेट में केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित शास्वत को बिहार पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है.

भागलपुर जिले में हुई साम्प्रदायिक हिंसा के मामले में 17 मार्च को अदालत ने शास्वत और 9 अन्य लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. शास्वत ने आज सीएम आवास के नजदीक प्रेस कॉन्फ्रेन्स की. लेकिन पुलिस उसे अब तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है.

बता दें कि हिन्दू नववर्ष के मौके पर बिना प्रशासन की इजाजत के शोभायात्रा निकाली गई थी और धर्मविशेष के स्थल के समक्ष आपत्तिजनक नारे लगाए गए थे. जिसके बाद इलाके में हिंसा शुरू हो गई थी.

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थाना नाथनगर के इंस्पेक्टर मो.जनीफुद्दीन की अर्जी पर कोर्ट ने अर्जित के अलावा देव कुमार पांडे, अनूप लाल साह, प्रणब साह, अभय घोष सोनू, प्रमोद वर्मा, निरंजन सिंह, संजय भट्ट और सुरेंद्र पाठक के खिलाफ वारंट जारी किया है. ये सभी नाथनगर थाना की एफआईआर संख्या 176 /18 के नामजद आरोपी हैं.

बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भाजपा के आगे घुटने टेक देने अर्जित शास्वत के खिलाफ दिखावटी वारंट जारी किए जाने का आरोप लगाते हुए यह अचंभित करने वाली बात है कि मुख्यमंत्री आवास से कुछ दूरी पर ही शास्वत मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हैं पर पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं करती है.