arjit shashwat

भागलपुर में शनिवार शाम को हिंदू नववर्ष के मौके पर हुए सांप्रदायिक दंगे के पीछे केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे के बेटे अरिजीत शाश्वत का हाथ सामने आया है. पुलिस ने चौबे के पुत्र और बीपेजी नेता अर्जित शाश्वत चौबे समेत कई बीजेपी नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है.

बता दें कि केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे अरिजीत चौबे की अगुवाई में बीजेपी, आरएसएस और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एक जुलूस निकला था. जुलूस के दौरान मेदनीनगर चौक पर एक पक्ष के लोगों ने गाना बजाने और चौक पर जुलूस ठहरने से मना किया, जिसके बाद लोग आमने सामने होकर पथराव करने लगे. जिसमे लगभग छह पुलिसकर्मियों सहित दो दर्जन लोग घायल हुए हैं.

पुलिस ने इस मामले में दो एफआईआर दर्ज की हैं. एक मामला तो बिना इजाजत जुलूस निकालने का है. वहीं, दूसरा केस उपद्रव मचाने का है. हालांकि अरिजित ने कहा कि एसएसपी को सूचना देकर जुलूस निकाला गया. यदि यह गैरकानूनी था तो पुलिस ने रोका क्यों नहीं.

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clash between two group in bhagalpur

नाथनगर पुलिस स्टेशन के इंचार्ज संजीव कुमार का कहना है कि रैली में शामिल लोगों द्वारा उकसाने वाले नारे लगाए गए. जिससे सांप्रदायिक तनाव बढ़ा. ध्यान रहे  अरिजीत ने पिछली बार भागलपुर से विधानसभा का चुनाव लड़ा था लेकिन वह हार गए थे.

वहीँ केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री चौबे ने कहा- मुझे गर्व है कि अरिजीत मेरा बेटा है. सभी भाजपा कार्यकर्ता मेरे बेटे की तरह हैं. हिंदू नव वर्ष को मनाने के लिए आयोजित की गई रैली का प्रतिनिधित्व करने में क्या गलत है? क्या मां भारत की बात करना गलत है? क्या वंदे मातरम कहना गलत है?

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