मध्य प्रदेश में साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने है. इसी बीच राज्य के दो जिलों में वोटिंग लिस्ट में हजारों फर्जी नाम के खुलासे से हड़कंप मच गया है. जिसके बाद जांच के आदेश दे दिए गए है.

चुनाव आयोग के अनुसार, इन वोटर लिस्टों में कई ऐसे नाम हैं जिनके बारे में कोई सूचना नहीं है और तो और वोटर लिस्ट में कई मृतकों के नाम भी शामिल है.

राज्य के 51 जिलों के कलेक्टरों ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को ऐसे करीब 7 लाख लोगों के बारे में जानकारी भेजी है जिनका या तो पता बदल गया है या फिर वो वोटर लिस्ट में दर्ज पते पर हैं ही नहींऔर  या फिर उनका देहांत हो गया है.

सबसे ज्यादा वोटर लिस्ट में गड़बड़ी सागर जिले में पाई गई है। यहां वोटर लिस्ट में 60424 ऐसे नाम मिले हैं जिनके बारे में कोई जानकारी नहीं है और 25 हजार से ज्यादा नाम तो मृतकों के हैं.

राजधानी भोपाल से जो आंकड़ें आए हैं वो भी चौकाने वाले हैं. यहां वोटर लिस्ट में 35248 नामों में गड़बड़ी मिली है. इनमें भी 7000 से ज्यादा मृतकों के नाम हैं. खुलासे के बाद अब राजनीति भी शुरू हो गई है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश में जिस तरह से फर्जी वोटर्स के आंकड़े आए हैं वो चौंकाने वाले हैं. उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों के सामने आने के बाद निष्पक्ष मतदान के प्रति संदेह होना लाजिमी है. उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में फर्जी वोटर्स चुनाव परिणाम को बदल सकते हैं.

वहीँ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कुछ लोगों को चुनाव आयोग की स्वायत्ता पर आरोप लगाने की आदत सी हो गई है. अपनी हार को सामने देख वो बौखला जाते हैं. वो जब जीतते हैं तो भूल जाते हैं कि वहां भी आय़ोग ने ही चुनाव करवाया है.

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