वाराणसी: इस्लामिक रिश्तों के चलते ताजमहल को राज्य की पर्यटन सूची से बाहर करने को लेकर योगी सरकार की दुनिया भर में किरकिरी हो रही है. बावजूद इसके योगी सरकार ने अब तक कोई सबक नहीं लिया है.

वाराणसी पहुंचे सूबे के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने ताज नगरी आगरा में हो रहे एआइएमआइएम के होर्डिंग प्रोटेस्ट पर कहा कि हमें उनका प्रमाण पत्र नही चाहिए.

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दरअसल, एआइएमआइएम  ने आगरा में कलक्ट्रेट के मुख्य द्वार के सामने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आगरा में नहीं घुसने देने की चेतावनी के साथ होर्डिंग लगाया गया है, स तरह के हार्डिंग पूरी ताज नगरी में लगे हुए है. हालांकि इस होर्डिंग को बीजेपी कार्यकर्ताओं ने हटवा दिया है.

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होर्डिंग पर लिखा है – “योगी सरकार ने भारत का अपमान किया है. इसलिए अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कभी आगरा ना आएं. विश्व में भारत की एक पहचान ताजमहल भी है. जो सरकार ताजमहल के साथ नहीं वो भारत के साथ नहीं।. पर्यटन बुकलेट से ताजमहल का नाम हटाकर योगी सरकार ने संपूर्ण विश्व में भारत का अपमान किया है. ये किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं. इसे लेकर जल्द ही एक विशाल जन-आंदोलन होगा.”

एआईएमआईएम के जिलाध्यक्ष इदरीस अली का कहना है कि होर्डिंग को भाजपा ने फाड़ा है. होर्डिंग लगाने का मकसद योगी आदित्यनाथ तक अपनी बात पहुंचाना था. लोग इस होर्डिंग को देख रहे थे और निकल रहे थे. उन्होंने कहा, योगी सरकार ने हमारे शहर का वजूद खत्म कर दिया.

उन्होंने कहा, आगरा के सांसद और विधायक जब आगरा की बात नहीं उठा सकते हैं तो उनके होने से कोई फायदा नहीं है. आगरा के स्मारकों से इतनी आमदनी है कि हमें किसी सांसद या विधायक निधि की जरूरत नहीं होगी. एक बात साफ हो गई है कि योगी आदित्यनाथ बेहतर संन्यासी हो सकते हैं, बेहतर मुख्यमंत्री नहीं.