भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री कमल पटेल के बेटे सुदीप को एक साल के लिए जिलाबदर कर दिया गया. सुदीप को पांच जिलों से जिला बदर किया गया है. उस खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में 14 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं.

इन सभी मामलों को लेकर तत्कालीन एसपी प्रेमबाबू शर्मा ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत जिलाबदर की कार्रवाई प्रस्तावित की थी. उन्होंने पटेल के खिलाफ दर्ज अपराधों का ब्यौरा प्रतिवेदन के लिए संलग्न करते हुए, जिले के आसपास बसे होशंगाबाद, सीहोर, देवास, खंडवा, बैतूल जिले की सीमा से एक साल के लिए बाहर भेजने के आदेश जारी करने का अनुरोध किया था.

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एसपी ने जिले में सुदीप की मौजूदगी से शांति सुरक्षा भंग होने का आंदेशा जताते हुए यह कार्रवाई प्रस्तावित की थी. जिस पर दो साल से सुनवाई चल रही थी. मंगलवार को कलेक्टर ने जिलाबदर के आदेश जारी किए.

इस बारें में  उनके पिता कमल पटेल का कहना है कि खनन और बालू माफिया के खिलाफ दो हफ्ते पहले चलाए गए अभियान की वजह से जिला प्रशासन ने ये कदम उठाया है.

उनका कहना है कि हरदा, देवास, सीहोर और होशंगाबाद में नर्मदा नदी से अवैध खनन किया जा रहा है जिसके खिलाफ नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल (एनजीटी) में शिकायत की थी. कमल पटेल ने इससे पहले जिलाधिकारियों और पुलिस पर बालू माफिया से मिलीभगत का आरोप लगाया था. इसके लिए उन्होंने एक अभियान भी चलाया था.

कमल पेटल ने कहा, “मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहा हूं. मैंने बालू माफिया का मुकाबला करने की हिम्मत की है. मुझे और मेरे बेटे को कई जाली मामलों में फंसाया गया है. लेकिन मैं संघर्ष जारी रखूंगा.”