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औरंगाबाद: ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) के सचिव खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने आज कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ को लेकर मुस्लिमों के साथ ही गैर मुस्लिमों में गलतफहमियांे को दूर किया जाना चाहिए।

रहमानी ने आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, कुछ तत्व गलतफहमियां फैलाकर समुदायों को बांटने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा, वे :समुदाय के सदस्य: वर्तमान कानून को लेकर सहज हैं और इसे बदला नहीं जाना चाहिए।

रहमानी और उत्तर प्रदेश के उनके समकक्ष जफरयाब जिलानी मुस्लिम पर्सनल लॉ पर एक दो दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करने के लिए शहर में थे।

जिलानी ने कहा, शरीयत में निकाह, तलाक, वक्फ और अन्य महत्वपूर्ण विषयों से लेकर सब कुछ शामिल होता है। कुछ लोग पर्सनल लॉ को लेकर अफवाह फैला रहे हैं और देश को बांट रहे हैं।

उन्होंने कहा, यह गलतफहमी है कि एक मुस्लिम बिना किसी कारण के चार बीवियां रख सकता है। संबंध में जब तक प्यार और स्नेह बना रहता है निकाह कायम रहता है लेकिन जब नफरत पैदा हो जाता है और बार बार के प्रयासों के बावजूद सुलह की कोई संभावना नहीं रहती तभी तलाक के विकल्प का इस्तेमाल किया जाता है। (भाषा)


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