आठ पुलिस कर्मियों की ह’त्या में आरोपित ढाई लाख का इनामी मोस्टवांटेड विकास दुबे के मददगार चौबेपुर के पूर्व एसओ विनय तिवारी (Vinay Tiwari) और बीट प्रभारी केके शर्मा (KK Sharma) को गिरफ्तार (Arrest) कर लिया गया है। कानपुर एसएसपी दिनेश कुमार पी ने इसकी पुष्टि की है।

जानकारी के अनुसार, दोनों पर 120 बी के तहज एफआईआर दर्ज की गई है। दोनों को जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। कानपुर रेंज के आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया, ‘चौबेपुर के पूर्व एसओ विनय तिवारी और बीट इनचार्ज केके शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है। ये दोनों एनका’उंटर के वक्त मौजूद थे लेकिन बीच में ही उस जगह को छोड़कर चले गए थे।’

गौरतलब है कि शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा का कथित लेटर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने चौबेपुर के तत्कालीन एसओ विनय तिवारी और बदमाश विकास दुबे के बीच मिलीभगत की शिकायत तत्कालीन एसएसपी अनंत देव से की थी। शहीद सीओ के वायरल लेटर के सामने आने के बाद मुखबिरी के शक की सबसे पहले सुई एसओ विनय तिवारी पर गई थी।

इस मामले में एसओ विनय तिवारी, दरोगा कुंवर पाल, केके शर्मा और सिपाही राजीव चौधरी पहले ही निलंबित किए जा चुके हैं। इतना ही नहीं एसएसपी ने पूरे थाने के बाकी 68 स्टाफ को भी लाइन हाजिर कर दिया है। सभी के खिलाफ जांच जारी है। अब चौबेपुर थाने में 55 नए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।

अब तक की जांच में इस बात का खुलासा हो चुका है कि पुलिस विभाग ने ही मुखबिरी की। एसटीएफ के हाथ लगे ऑडियो से पता चला है कि चौबेपुर थाने में तैनात दरोगा केके शर्मा ने विकास दुबे से वारदात की रात से पहले शाम साढ़े पांच बजे विकास दुबे से बात की थी। उसके बाद दबिश से ठीक पहले रात 12.11 बजे सिपाही राजीव चौधरी ने विकास दुबे को दबिश और पुलिस फोर्स की संख्या बतायी। जिस पर विकास दुबे ने कहा कि आज वह पुलिस से निपट लेगा।

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