उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बनी बीजेपी की सरकार के अवैध बूचड़ख़ानों पर प्रतिबंध के फैसले से पंजाब का चमड़ा उद्योग दिवालिया होने की कगार पर पहुंच चुका है.

दुनिया भर में मशहूर जालंधर का चमड़ा और खेल उद्योग, बूचड़ख़ानों पर प्रतिबंध की करनी को झेल रहा हैं. चमड़ा व्यापारियों का कहना है कि यूपी में बूचड़खाने बाद होने के कारण पंजाब में चमड़ा उद्योग अब ख़त्म हो जाएगा.

दरअसल, पूरी दुनिया में खेल और चमड़े के उद्योग में पंजाब के जालंधर की अलग पहचान है और ये पहचान कच्चें माल के रूप में प्राप्त होने वाले चमड़े से ही संभव हैं. दरअसल, पंजाब का चमड़ा उद्योग अपने कच्चे माल अर्थात चमड़े के लिए 50 प्रतिशत से अधिक उत्तर प्रदेश पर निर्भर करता है.

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा अवैध बूचड़खानों को बंद कर देने के फैसले से दोहरी मार पड़ी हैं. एक तरफ यूपी में चमड़ा व्यापारी और कुरैशी समुदाय के लोग बेरोजगार हुए तो वहीँ पंजाब में भी अब इसका दुष्प्रभाव दिखना शुरू हो गया है.

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