लखनऊ:  बुलंदशहर हिंसा और पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की ह’त्या के मामले की जांच कर रही उत्तर प्रदेश पुलिस की SIT ने एक कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। बुलंदशहर की कोर्ट सोमवार को चार्जशीट पर संज्ञान ले सकती है। यूपी पुलिस ने कहा कि चार्जशीट में 38 लोगों का नाम शामिल किया गया है। इसमे मुख्य आरोपी माने जा रहे स्थानीय बजरंग दल नेता योगेश राज उन पांच लोगों में शामिल नहीं हैं, जिन सुबोध कुमार की ह’त्या का आरोप लगाया गया है।

बुलंदशहर के एसपी अतुल कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक कथित गोकशी के बाद भड़की हिंसा और SHO सुबोध कुमार की हत्या के मामले में चीफ ज्युडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने चार्जशीट पेश कर दी गई है। पांच लोगों पर सुबोध कुमार की ह’त्या में शामिल होने का आरोप है, जबकि 33 पर दंगा भड़काने और हिंसा-आगजनी जैसी धाराएं लगाई गई हैं। मामले में अगली सुनवाई 5 फरवरी को होनी है।

चार्जशीट में मुख्य आरोपी माने जा रहे बजरंग दल नेता योगेश राज पर दंगा भड़काने और गैरकानूनी तरीके से भीड़ इकठ्ठा करने का आरोप है। चार्जशीट के मुताबिक 3 दिसंबर 2018 को इलाक के महाव गांव में गोकशी की अफवाह के बाद भीड़ ने उग्र होकर चिंगरावटी पुलिस चौकी पर हमला कर दिया।

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सुबोध कुमार ह’त्या के मामले में प्रशांत नट, लोकेंद्र, राहुल, डेविड और जॉनी को आरोपी बनाया गया है। इन पांचों को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी बनाया है। इस सीसीटीवी फुटेज में ये पांचों आरोपी सुबोध कुमार को घेरे हुए दिखाई दे रहे हैं और इसी दौरान उन्हें गोली मारी गई थी। सुबोध को गोली प्रशांत के नाम पर जारी लाइसेंसी रिवॉल्वर से मारी गई थी। चार्जशीट के मुताबिक इन पांचों ने अपना जुर्म भी क़ुबूल किया है। इन मामले में कई और आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है। पुलिस के मुताबिक एक अन्य आरोपी महाव गांव के प्रधान राजकुमार ने भी बीते हफ्ते सरेंडर कर दिया है।

बुलंदशहर हिंसा मामले की शुरुआती जांच में यूपी पुलिस ने बजरंग दल के स्थानीय नेता योगेश राज को मुख्य आरोपी बनाया गया था। योगेश राज हिंसा के बाद 31 दिन तक फरार रहा और फिर पुलिस की गिरफ्त में आया था। इस मामले में कुल 87 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। योगेश राज के खिलाफ दर्ज FIR में पुलिस ने उस पर हिंसा को भड़काने और सुबोध कुमार सिंह के खिलाफ लोगों को ह’त्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था।

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