reservation muslim

यूपी सरकार ने प्रदेश के सिख और मुस्लिम जाटों को आरक्षण का लाभ देने का आदेश जारी कर दिया है। अभी तक प्रदेश में सिर्फ जाटों को अन्य पिछड़ा वर्ग में आरक्षण का लाभ मिलता था लेकिन, अब उत्तर प्रदेश के मूल निवासी मुस्लिम और सिख जाटों को भी ओबीसी का लाभ मिल सकेगा।

इसके लिए पिछड़ा वर्ग कल्याण निदेशक की ओर से जारी शासनादेश में सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को ओबीसी के अंतर्गत जाति प्रमाण जारी करने को निर्देशित किया है। देश सरकार ने यह आदेश राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री बलदेव औलख के प्रयास के बाद जारी किया है।

राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने गुरुवार को बताया कि प्रदेश में जाटों को पिछड़े वर्ग लाभ देने की व्यवस्था पहले से है। जाटों को जाति प्रमाणपत्र जारी करने की जो व्यवस्था है उसमें सिर्फ जाट लिखा हुआ है। इस वजह से जाट सिख और जाट मुस्लिमों को पिछड़ी जाति का प्रमाणपत्र हासिल करने में दिक्कत का सामना करना पड़ता था।

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औलख ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर वह खुद हाईकोर्ट गए थे, कोर्ट ने भी यह कहा था कि जाटों को पिछड़े वर्ग के रूप में जो लाभ देने की व्यवस्था है उसे धर्म के आधार पर विभाजित नहीं किया जा सकता है। औलख ने बताया कि कोर्ट के आदेश में कई जिलों में जाट सिख और जाट मुस्लिमों को पिछड़े वर्ग का प्रमाणपत्र तो जारी कर दिया जाता था, लेकिन दिक्कत यह आती थी कि ऑनलाइन व्यवस्था में सिर्फ जाट का कॉलम था। इस वजह से प्रमाणपत्र जारी करने में दिक्कत आती थी।

औलख ने बताया कि इस समस्या के बारे में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से चर्चा की थी, इसके बाद अधिकारियों की एक कमेटी बना दी गई थी। कमेटी ने भी यह फैसला लिया है कि जाट सिख और जाट मुस्लिमों को भी पिछड़े वर्ग का प्रमाणपत्र जारी किया जाए।

उन्होंने बताया कि इस संबंध में पांच दिसंबर को पिछड़ा वर्ग कल्याण के निदेशक की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं। औलख ने बताया कि इस आदेश का लाभ प्रदेश के लगभग 30 लाख लोगों को लाभ मिलेगा। जिसमें जाट सिख और जाट मुस्लिम शामिल हैं। इसका लाभ प्रदेश के उन जाट सिख और जाट मुस्लिमों को मिलेगा जो यहां के मूल निवासी हैं।

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