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गोरखपुर: गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में पिछले साल ऑक्सीजन की कमी होने पर 11 अगस्त की रात को हुए हादसे में एक आरटीआई में सामने आया कि उस रात ऑक्सीज़न की कमी थी। जिसके चलते करीब 6 सिलेंडर अन्य हॉस्पिटल से मंगाए गए थे। इनमे से खुद चार सिलेंडर का बंदोबस्त डॉ कफील खान ने अपने प्रयास से किया था।

आईटीआई में ये भी सामने आया कि 10-11 अगस्त की रात तमाम बच्चों की मौत ऑक्सीजन की कमी के कारण ही हुई थी। 9 फ़रवरी 2018 को दाखिल की गई आरटीआई के जवाब में बीआरडी प्रशासन ने कुछ हद तक डॉ कफील के स्टैंड की पुष्टि की है।

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बता दें कि इस मामले में योगी सरकार ने डॉ कफील के खिलाफ कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर गिरफ्तार किया था। हालांकि उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं होने की वजह से उन्हे कोर्ट ने जमानत दे दी। ये लखनऊ के RTI  एक्टिविस्ट संजय शर्मा ने दाखिल की थी।

शर्मा का कहना है कि सरकार मामले में कुछ तथ्य छुपाने की कोशिश कर रही थी। मीडिया से बातचीत में संजय शर्मा ने कहा, “बीआरडी प्रशासन के जवाब से यह बात साफ हो गई है कि 11 अगस्त की रात ऑक्सीजन की कमी थी।” उन्होंने कहा कि अगर सब कुछ सही था तो क्यों जांच रिपोर्ट को सार्वजानिक नहीं किया गया।

आईटीआई का जवाब देने वाले तत्कालीन एसआईसी और वर्तमान मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरसी शुक्ला ने बीआरडी में मौजूद दस्तावेजों के आधार पर अप्रैल में उक्त आरटीआई का जवाब देने की पुष्टि भी की है। उन्होंने बताया कि 11 अगस्त 2017 की रात 6 ऑक्सीजन सिलिंडर प्राइवेट हॉस्पिटल और 4 ऑक्सीजन सिलिंडरों की व्यवस्था डॉ. कफील खान द्वारा की गई थी।

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