मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने आदिवासियों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया है। पिछले दिनों बड़े ही धूमधाम के साथ 10 लाख आदिवासियों को शिवराज ने जो चरणपादुकाएं पहनाईं थी। वह कैंसर वाली थी।

केंद्रीय चर्म अनुसंधान संस्थान की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि आदिवासियों को दिए जूते-चप्पल में खतरनाक रसायन मिले हैं। इन जूते-चप्पलों को पहनने से कैंसर होने का खतरा है।  यानि मप्र के 10 लाख आदिवासी खतरे में हैं। उन्हे कैंसर हो सकता है।

बताया जा रहा है कि शिवराज सिंह सरकार की ओर से दिए गए जूते-चप्पलों में कैंसर पैदा करने वाला रसायन AZO पाया गया है। जबकी देश में 23 जून 1997 से यह रसायन प्रतिबंधित है। इस खबर के सामने के बाद शिवराज सरकार के वन मंत्री गौरीशंकर शेजवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके मामले में स्पष्टीकरण दिया है।

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उन्होंने कहा कि हमने जूते चप्पलों के वितरण पर रोक लगा दी है और करीब 2.35 लाख जूते-चप्पल बदलने के लिए कंपनी को कहा है। हालांकि इस दौरान वन मंत्री ने केमिकल रसायन के बारे में कुछ भी कहने से मना कर दिया। बता दें कि अब तक सरकार 10 लाख आदिवासियों को ये जूते-चप्पल दे चुकी है। इसके अलावा 11 लाख जोड़े अभी भी स्टॉक में रखे हुए हैं।

कैसे होगा कैंसर

केंद्रीय चर्म अनुसंधान संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. केजे श्रीराम बताते हैं कि जूते-चप्पल के अंदर काले रंग के तलवे (इनर सोल) में एजेडओ रसायन मिला हुआ है। अगर पांव में कांटा लगता है या पैर कट जाने पर या उसमें छाला पड़ जाने पर रसायन शरीर में चला जाता है। श्रीराम के मुताबिक, पसीना आने पर भी यह रसायन त्वचा में जा सकता है। जिससे त्वचा का कैंसर होने की संभावना रहती है जिसका असर छह माह में नजर आता है।

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