पश्चिम बंगाल के कमिशन फॉर बैकवर्ड क्लासेज अब तक मुस्लिम समाज के करीब 113 समुदायों को ओबीसी कैटिगरी में शामिल कर चुकी है. सोमवार को क्लासेज की और से फैसला किया गया कि  समुदाय की ‘खास’ जाति को भी ओबीसी कैटिगरी के अंतर्गत लाया जाना चाहिए.

राज्य सरकार की रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फैसले से राज्य के करीब 2 करोड़ 47 लाख मुस्लिमों को आरक्षण का लाभ मिल रहा हैं. यह आंकड़ा राज्य की कुल मुस्लिम आबादी का 95 प्रतिशत है. राज्य में 17 प्रतिशत नौकरियां ओबीसी कैटिगरी के लिए आरक्षित हैं. इस समय बंगाल में सरकारी प्राइमरी टीचरों की भर्ती चल रही है और करीब 7480 कैंडिडेट ओबीसी कैटिगरी के तहत चुनकर आये हैं.

अल अमीन मिशन फाउंडर सेक्रेटरी मोहम्मद नुरुल इस्लाम ने बताया कि इस साल 600 मुस्लिमों को मेडिकल में मौका मिला है, यह कुल सीटों का 20 प्रतिशत है. पिछले साल 3000 एमबीबीएस और बीडीएस सीटों में से 400 मुस्लिम छात्रों के लिए आरक्षित थीं.

विपक्ष ने सरकारी नौकरियों में कोटा सिस्टम लगाने पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष के अनुसार, कैटिगरी ए में केवल मुस्लिम ही आरक्षण का लाभ उठा रहे हैं.


शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

Loading...

कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें