तीन तलाक मामले में केंद्र या राज्य सरकार ने शरीयत से छेड़छाड़ करने की कोशिश की तो आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड सुप्रीम कोर्ट जाएगा. ये कहना हैं बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना राबे हसनी नदवी का.

मौलाना ने कहा कि कहा कि तीन तलाक या शरीयत से संबंधित कोई भी मसला हो, केंद्र या राज्य सरकार का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं करेंगे. उन्होंने तलाक को लेकर कहा कि तलाक का मतलब छुटकारा होता है. निकाह में लड़की और लड़के के बीच समझौता होता है. अगर दोनों के मध्य इतना मनमुटाव हो गया हो कि दोनों एक दूसरे की शक्ल नहीं देखना चाहते तो ऐसी सूरत में दोनों अलग हो सकते हैं. इस्लाम ने दोनों के अलग होने का एक आसान तरीका दिया है.

उन्होंने तीन तलाक के गलत इस्तेमाल को लेकर कहा कि जो ऐसा करता हैं उनका समाज से बहिष्कार होना चाहिए. इससे दूसरों को सबक मिलेगा और वे ऐसी गलत हरकत करने से बाज आएंगे. साथ ही उन्होंने तलाकशुदा महिलाओं के लिए बैतुलमाल (राहतकोष) की जरूरत से साफ़ इनकार किया.

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साथ ही उन्होंने कहा कि अल्लाह के रसूल पैगंबर मोहम्मद साहब के बताए रास्ते पर अमल करते हुए महिलाएं शरई जिंदगी गुजारें तो उनके सामने कभी कोई दिक्कत नहीं आ सकती.

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