सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान ने गोवर्धन पीठ के शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद महाराज से तोहफे में मिली गाय को वापस लोटा दिया. आजम खान ने कथित गौरक्षकों के डर से शंकराचार्य को गाय को वापस लोटा दिया. उन्होंने कहा कि उन्हें बदनाम करने के लिए कोई भी कथित गौरक्षक गाय की हत्या कर उन्हें बदनाम कर सकता है.

उन्होंने शंकराचार्य को लिखे एक पत्र में कहा है कि मुस्लिम असुरक्षा के माहौल में जी रहे हैं. कोई भी स्वयंभू गौरक्षक मुझे या मुस्लिम समुदाय को बदनाम करने के लिए गाय को नुकसान पहुंचा सकता है या नहीं तो फिर इस खूबसूरत और लाभकारी जानवर की हत्या भी कर सकता है.

याद रहे उन्हें ये गाय अक्टूबर 2015 में तोहफें में दी गई थी. दरअसल उन्होने उस वक्त  अपनी डेयरी में एक गाय रखने की इच्छा जतायी थी. उसके बाद से ही यह गाय और उसका बछड़ा आजम खान के तबेले में पल रही थी. आज़म खान ने शंकराचार्य से कहा कि उन्होंने गाय का अच्छी तरह से पालन-पोषण किया और गाय को उसकी सुरक्षा के मद्देनजर लौटाया जा रहा है. उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि गाय को दोपहर में संत को सुरक्षित भेज दिया गया.

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माना जा रहा हैं आजम खान ने ये फैसला राजस्थान के अलवर में गाय पालने के लिए ले जा रहे मुस्लिमों पर हुए हमलें चलते लिया हैं. कथित गौरक्षा के नाम पर हुए इस हमलें में भगवा कार्यकर्ताओं ने मेवात के रहने वाले पहलू खान की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी. इस हमलें में अन्य लोग भी घायल हुए थे.

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