मध्यप्रदेश को सुशासन देने का दावा करने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के दावों की पोल खुल रही है. प्रदेश का भविष्य शौचालय में पढ़कर ज्ञान अर्जित करने को मजबूर है.

मामला नीमच जिले का है. मोखमपुरा गांव में सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को शौचालय में बैठाकर शिक्षा दी जा रही है. दरअसल गाँवमें बीच्चों के लिए प्राइमरी स्कूल तो है लेकिन बिंल्डिग नही है. ये स्कूल आज से नही बल्कि 2012 से ही ऐसा चल रहा है.

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स्कूल को किराये के कमरे पर चलाया जा रहा है लेकिन अब वह कमरा उपलब्ध नहीं है. ऐसे में इस स्कूल के बच्चे स्वच्छ भारत अभियान के तहत बने शौचालय में पढने को मजबूर है. शिक्षक कैलाश ने बताया कि वो शौचालय में क्लास लेने को मजबूर है क्योंकि स्कूल के लिए बिल्डिंग नहीं है.

उन्होंने कहा, “जब गर्मी व सर्दी में मौसम ठीक होता है, तो क्लास पेड़ के नीचे होती हैं, लेकिन जब मौसम बारिश का होता है तो हमें बच्चों को पढ़ाने लिए मजबूरन शौचालय का इस्तेमाल करना पड़ता है”. इस बात की जानकारी उच्च अधिकारियों को भी है.

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