दिल्ली सरकार एवं उप राज्यपाल के बीच सत्ता की रस्साकशी पर उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को अपना ऐतिहासिक फैसला सुना दिया है। बावजूद दिल्ली सरकार के सर्विसेज डिपार्टमेंट ने केजरीवाल सरकार का आदेश मानने से इनकार कर दिया।

उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस करते हुए बताया कि अफसर अदालत का आदेश नहीं मान रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोकतंत्र कैसे चलेगा। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा आदेश अच्छा लगेगा या नहीं कोर्ट का ऑर्डर तो मानना पड़ेगा। उन्होंने सब लोगों से अपील की है कि सहयोग से काम करें।

सिसोदिया ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद एलजी ने सरकार से ट्रांसफर पोस्टिंग के अधिकार अपने पास रख लिए थे या डिपार्टमेंट हेड को दे दिए थे। कुछ अधिकार सीएस को दिए गए थे। थोड़ी देर पहले मैंने आर्डर दिए हैं कि आईएस दानिक्स के ट्रांसफर सीएम के अप्रूवल से होंगे, ग्रेड 2 डिप्टी सीएम, ग्रेड 3 और 4 के लिए सर्विस डिपार्टमेंट मंत्री की मंजूरी ली जाएगी।

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सिसोदिया ने ट्रांसफर-पोस्टिंग के मामले में केंद्र सरकार और एलजी से सहयोग भी मांगा है। उन्होंने सवाल किया कि इस तरह चला तो क्या अब दिल्ली में ट्रांसफर पोस्टिंग नहीं होगी। उन्होंने कहा कि हमें केंद्र सरकार और एलजी के सहयोग की जरूरत है।

दूसरी और दिल्ली के सर्विसेज विभाग की दलील है कि 29 अगस्त 2016 को नोटिफिकेशन हुआ था जिसके मुताबिक ट्रांसफर पोस्टिंग के अधिकार उपराज्यपाल, मुख्य सचिव, सेक्रेटरी सर्विसेज और सम्बंधित विभाग के सचिव के पास ही रहेंगे।