उत्तरप्रदेश में चुनावी मौसम की बहार हैं. ऐसे में सता पक्ष समाजवादी पार्टी की और से प्रदेश में विकास के बारें में बड़े-बड़े दावे किये जा रहे हैं. इन दावों को करने में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी पीछे नहीं हैं. लेकिन इन दावों की पोल एक 6 साल के बच्चे ने खोल दी हैं.

मऊ शहर का रहने वाला 6 साल का तुफैल मदरसे के बाहर कचालू बेचता है. लेकिन मदरसें में पड़ने नहीं जाता. वह रोजाना सुबह मदरसे के पास पहुंच जाता है. छुट्टी होने तक कचालू बेचने के बाद घर लौटता है. दरअसल उसका परिवार घर खर्च में मदद के लिए तुफैल से मदरसे के बाहर कचालू बिकवाता हैं.

इस बात का खुलासा मंगलवार को डीएमओ की और से की गई मदरसों की जांच के बाद हुआ हैं. दरअसल जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी डा. विजयप्रताप यादव नगर के डोमनपुरा मुहल्ले के मदरसा फहरान तहजीबुल कुरान पहुंचे थे.

इस दौरान उन्होंने तुफैल को कचालू बेचते हुए देखा जब उन्होंने तुफैल से  स्कूल न जाने की वजह पूछी तो तुफैल ने बताया कि कचालू न बेचकर घर जाऊंगा तो अब्बू डांटेंगे. हम तो पढ़ना चाहते हैं पर अब्बू हमें मदरसे नहीं भेजते. कहते हैं , तू मदरसे जाएगा तो हम खाएंगे क्या.

तुफैल के जवाब को सुनकर डॉ. यादव ने मदरसे के टीचर को बुलाया. उससे पूछा कि मदरसे के सामने कचालू बेचने वाले इस बच्चे को पढ़ने के लिए प्रेरित क्यों नहीं करते. उन्होंने मदरसा के टीचर कमाल अख्तर से कहा कि वे तुफैल के घर जाएं और उसके पिता मो. यासीन से बात करके बच्चे का मदरसे में नाम लिखाएं. यदि अभिभावक न तैयार हों तो हमें सूचित करें. हम खुद उसके अभिभावक से बात करके तुफैल को मदरसे में पढ़ने भेजने के लिए राजी करेंगे.


शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

Loading...

कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें