महाराष्ट्र के यवतमाल में पोलियो अभियान के दौरान एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां स्वास्थ्यकर्मियों ने 12 बच्चों को पोलियों के बजाय सेनेटाइजर पिला दिया। उल्टी-दस्त और घबराहट की शिकायत के बाद देर रात बच्चों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

अधिकारियों के अनुसार, कुछ बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स के बजाय सैनिटाइजर पिलाया गया, जिसके बाद कई बच्चों के बदन में ऐंठन होने और उल्टी होने लगी। सभी बच्चों को इलाज के लिए वसंतराव नाइक गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ले जाया गया।

वसंतराव नाइक गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के डीन डॉ. मिलिंद कांबले ने आईएएनएस को बताया, “सभी बच्चों की हालत अब स्थिर है और उनमें सुधार हो रहा है। उन्हें लगातार निगरानी में रखा जा रहा है। उनकी स्थिति के आधार पर हम उन्हें मंगलवार शाम को छुट्टी देने पर विचार करेंगे।”

बीमार हुए बच्चों में गिरम गेदाम, योगश्री गेदाम, हर्ष मेश्राम, भावना अर्के, वेदांत मेश्राम, राधिका मेश्राम, प्राची मेश्राम, माही मेश्राम, तनुज गेदाम, निशा मेश्राम, आस्था मेश्राम शामिल है।

जिला प्रशासन ने प्रारंभिक जांच के बाद कार्रवाई करते हुए मामले में एक स्वास्थ्यकर्मी, एक डॉक्टर और एक आशा कर्मचारी को निलंबित कर दिया है। विस्तृत जांच जारी है और जिलाधिकारी एम देवेंद्र ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

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