शिरडी. महाराष्ट्र (Maharashtra)के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) की ओर से साईंबाबा (Saibaba) के जन्म को लेकर दिया गया बयान अब विवादों में घिर चुका है. मंदिर प्रशासन ने अनिश्चितकालीन बंद करने का ऐलान किया है.

दरअसल, मराठवाड़ा स्थित पाथरी के विकास के लिए 100 करोड़ का ऐलान करते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पाथरी को साईं की जन्मभूमि कह दिया. साईंबाबा सनातन ट्रस्ट के बी वाकचौरे ने कहा, ‘हमने इस तरह की अफवाहों पर विरोध जाहिर करने के लिए 19 जनवरी से बंद का ऐलान किया है. शनिवार (18 जनवरी) को इस मसले पर चर्चा के लिए ग्रामीणों की एक सभा आयोजित की जाएगी. बंद की वजह से श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत नहीं होगी.’

इसी बीच बीजेपी सांसद सुजय विखे पाटिल ने शुक्रवार को ‘कानूनी लड़ाई’ की चेतावनी दी है. अहमदनगर सीट से सांसद पाटिल ने सवाल उठाते हुए कहा कि साईंबाबा की जन्मभूमि को लेकर दावा तभी क्यों सामने आया, जब राज्य में नई सरकार का गठन हुआ है. उन्होंने कहा, ‘साईंबाबा के जन्मस्थान को लेकर आजतक कोई मतभेद ही नहीं था. अचानक से पाथरी को लेकर ऐसे दावे कहां से सामने आ गए. अगर राजनीतिक हस्तक्षेप जारी रहा तो शिरडी के लोग इस मसले पर ‘कानूनी लड़ाई’ शुरू कर सकते हैं.’

एनसीपी और कांग्रेस ने सरकार के फैसले का किया बचाव

कांग्रेस नेता और महाराष्ट्र के पूर्व सीएम अशोक चव्हाण ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के इस बयान का बचाव करते हुए कहा, साईंबाबा की जन्म भूमि के विवाद के कारण श्रद्धालुओं की सुविधाओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. शिरडी में हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं. वहीं एनसीपी नेता दुर्रानी अब्दुल्लाह खान ने भी दावा किया है कि इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि साईंबाबा का जन्मभूमि पाथरी है. उन्होंने कहा शिरडी साईंबाबा की कर्मभूमि थी, तो वहीं पाथरी जन्मभूमि.

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