आरक्षण की लड़ाई लड़ रहे पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में RSS की और से देश में आरक्षण व्यवस्था को खत्म करने की मांग उठाये जाने को लेकर तीखी आलोचना की हैं.

हार्दिक पटेल ने ट्वीट कर कहा , “आरक्षण ख़त्म करने की बात मतलब पिछडो को ख़त्म करने का प्लान…. समान हक देना ही है तो देश में जिसकी जितनी हिस्सेदारी उसको इतनी भागीदारी दो।”

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उन्होंने आगे कहा, आरक्षण ख़त्म करने की बात मतलब पिछड़ो को ख़त्म करने का प्लान… समान हक़ देना ही है तो देश में जिसकी जितनी हिस्सेदारी उसको इतनी भागीदारी दो. उन्होंने कहा, RSS देश को अपना ज्ञान क्यों बाट रही हैं !!! नागपुर में बेठे बेठे देश को चला रहे है एसा भ्रम है RSS को. संविधान बड़ा है या RSS. हार्दिक ने आगे कहा, “आरक्षण व्येवस्था देश का मजबूत स्तंभ हैं। जिसे प्रतिनिधित्व की व्येवस्था कहते हैं और बिना प्रतिनिधित्व के लोकतंत्र अधुरा हैं। इसीलिए रिजर्वेशन कोई भीख नहीं बल्कि लोकतंत्र में वंचितों के सशक्तिकरण और उनके जीवनस्थर में सुधार के लिए दिया गया अधिकार है।”

गौरतलब रहें कि आरएसएस के प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने कहा था कि आरक्षण खत्म होना चाहिए. उन्होंने कहा कि आरक्षण से अलगाववाद बढ़ता है. उन्होंने कहा कि एक वक्त के बाद आरक्षण को खत्म कर देना चाहिए. रक्षण व्यवस्था को खत्म करने के लिए बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर का हवाला देते हुए कहा कि अंबेडकर भी हमेशा के लिए आरक्षण के पक्ष में नहीं थे. इसलिए इसे खत्म कर देना चाहिए.

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