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देश के सबसे बड़े भगवा संगठन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) ने दलितों का अपमान करते हुए वाल्मीकि, संत रविदास को अछूत करार दिया.

मेरठ में आरएसएस की और से लगाए गए होर्डिंग्स में संत रविदास के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया. जिससे दलित समाज अब भड़क उठा है. आप को बता दें कि 25 फरवरी को मेरठ में संघ सबसे बड़ा सगामन आयोजित करने जा रहा है.

आरएसएस की और से ‘राष्ट्रोदय आपका हार्दिक अभिनन्दन है’ के शीर्षक से लगे इन होर्डिंग्स में लिखा कि ‘हिंदू धर्म की जैसे प्रतिष्ठा वसिष्ठ जैसे ब्राह्मण, कृष्ण जैसे क्षत्रिय, हर्ष जैसे वैश्य और तुकाराम ने जैसे शूद्र ने की है, वैसी ही वाल्मीकि, चोखामैला और रविदास जैसे अस्पृस्यों ने भी की है.’

ये होर्डिंग्स शहर भर में लगे हुए है. खासकर इनको महत्वपूर्ण चोराहे पर लगाया गया है. इस मामले के सामने आने के बाद अब वाल्मीकि समाज ने पंचायत बुलाई है. उन्होंने साफ कहा कि समाज से खिलवाड़ करने वाले लोगों को बख्शा नहीं जाएगा. साथ ही वाल्मीकि नेताओं ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से ऐसे लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की है.

वाल्मीकि समाज के एक नेता ने कहा, ‘हम मोहन भागवत का पूरा सम्मान करते हैं. वह आएं यहां आएं हम उनका पूरा सम्मान करेंगे. मेरठ आजादी की धरती है। कुर्बानी दी है मेरठ के लोगों ने. आजादी की लड़ाई भी यहीं से शुरू हुई. लेकिन हमारा सम्मान कम किया जाएगा तो हम इसे सहन नहीं करेंगे. सम्मान से कोई समझौता नहीं होगा. बाल्कमीकि ने ही रामायण लिखी, अगर वह ऐसा नहीं करते तो हिंदू समाज को कोई जानने वाला नहीं होता.’

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