Friday, September 17, 2021

 

 

 

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का फूंका पुतला, कहा – राम की पूजा होगी, तो रहमान की भी इबादत

- Advertisement -
- Advertisement -

afa

राष्ट्रिय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत का विवादित बयानों के चलते सामजिक संगठनों ने लखनऊ में पुतला फूंका. राष्ट्रीय सामाजिक कार्यकर्ता संगठन के संयोजक मुहम्मद आफाक की अगुवाई में विधानसभा मार्ग ओसीआर टावर के सामने ये पुतला फूंका गया.

इस दौरान भागवत के विवादित बयानों के हवाला देते हुए तीखे सवाल भी उठाए गए साथ ही आरएसएस के दोहरे रवैये की भी तीखी आलोचना की गई. प्रदर्शन में शामिल जनहित संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष हाजी मुहम्मद फहीम सिद्दीकी ने आरएसएस प्रमुख से सीधा सवाल करते हुए पुछा कि अगर हर भारतीय नागरिकों को वह (मोहनभागवत) हिंदू समझते हैं तो फिर 1925 से आज तक RSS का प्रमुख केवल ब्राह्मण ही क्यों होता है ?

उन्होंने कहा, ब्राह्मण समाज में समानता है ही नहीं, वहां तो केवल ब्राह्मण को सर्वश्रेष्ठ समझा जाता है. धर्म पुरोहित को ही ऊपर बैठने का अधिकार है, शूद्रों पर तो केवल अत्याचार ही सदियों से होता रहा है, उनसे गुलामी ही कराई जाती रही है.’ उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान दलितों का वोट लेने के लिए उनको हिंदू सूची में जोड़ लिया जाता है.

वहीँ मुहम्मद आफाक ने कहा, ‘आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत कुछ-कुछ समय पर अराजकता फैलाने वाले सांप्रदायिक भाषण देते रहते हैं. इधर फिर भारत में रहने वाले सभी लोगों को हिंदू बताकर तमाम धर्मो का अपमान किया है. मोहन भागवत बताएं कि वह हिंदू कब से हैं? क्योंकि रामायण, गीता आदि ग्रंथों में तो हिंदू का वर्णन कहीं मिलता नहीं है.

आफाक ने कहा, ‘वहां तो केवल ब्राह्मण, ठाकुर, बनिया और शूद्र की पहचान रही है. चुनाव के अवसर पर कभी दलितों का आरक्षण समाप्त करने की बात करते हैं तो कभी सारे देशवासियों को हिंदू बताते हैं. यदि वह दलितों को हिंदू मानते हैं तो उन मंदिरों में जहां आज भी दलितों का प्रवेश वर्जित है, वहां दलित को पुजारी बनाएं.’

उन्होंने कहा, ‘आरएसएस सर संघ चालक किसी दलित को बनाओ. अंग्रेजों की गुलामी करने वाले मनुस्मृति का कानून लागू करना चाहते हैं, लेकिन भगवा चोला याद रखे कि यह भारत है, यहां विभिन्न धर्म के मानने वाले रहते हैं, सब स्वतंत्र हैं, अपने-अपने धर्म का पालन करते हैं. यहां मनुस्मृति वाला कानून नहीं चल सकता.

आफाक ने कहा, यहां अगर राम की पूजा होती है, तो रहमान की भी इबादत होगी. सारे भारतवासी एकता और अखंडता बनाए रखने का प्रयास करें. एकता में ही शक्ति है और शक्ति में सम्मान है.’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles