अरुणाचल सीएम के काफिले से 1.8 करोड़ रुपये बरामद, कांग्रेस हुई हमलावर

लोकसभा चुनाव के लिए लागू आचार संहिता के दौरान अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रेमा खांडू के काफिले की एक कार से 1.80 करोड़ रुपये की बरामदगी की खबर है। पैसों की बरामदगी पीएम मोदी रैली से ठीक पहले हुई है। जिसके से कांग्रेस हमलावर है।

बुधवार को कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि यह प्रजातंत्र का काला दिन है। चोर की चौकीदारी और चौकीदार की चोरी रंगे हाथों पकड़ी गई। कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाए कि नरेंद्र मोदी की जनसभा से पहले यह पैसा मतदाताओं को लुभाने के लिए इस्तेमाल होने वाला था। इसके लिए मोदी, खांडू और उप मुख्यमंत्री चाउना माइन समेत प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष तापिर गाव के खिलाफ मामला दर्ज होना चाहिए।

सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, “अरुणाचल में पासीघाट के निकट मुख्यमंत्री के काफिले की जांच होने पर कुल 1.8 करोड़ रुपये बरामद हुए हैं। इससे जुड़े सनसनीखेज वीडियो सोशल मीडिया और दूसरे माध्यमों पर उपलब्ध हैं। दो बातें साफ होती हैं। पहली यह, कि पैसा पेमा खांडू का है। दूसरी यह, कि चुनाव आयोग की पर्यवेक्षक की मौजूदगी में यह बरामदगी हुई है।” उन्होंने कहा, “रात 12 बजे रुपया बरामद होता है और बुधवार की सुबह पासीघाट में प्रधानमंत्री मोदी की रैली होती है। इससे बड़े सवाल खड़े होते हैं। क्या यह पैसा चुनाव प्रचार के लिए जा रहा था?” सुरजेवाला ने कहा, “यह प्रजातंत्र के लिए काला दिन है। वोट दो, नोट लो… यह मोदी जी का नारा है। क्या वोट खरीदकर चुनाव जीतना चाहते हैं? क्या यह पैसा मोदी की पासीघाट की रैली के लिए और वोटरों को देने के लिए ले लाया जा रहा था?”

कांग्रेस के इस आरोप पर खांडू ने भी पलटवार किया है। उन्होंने कहा, “यह बिल्कुल ही गलत है। कैश फॉर वोट का प्रचलन कांग्रेस पार्टी में रहा है। चुनाव आयोग की जांच में सब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। हमें सूचना मिली है कि ये पैसा बीजेपी उम्मीदवार की गाड़ी से मिले हैं।” उधर, कांग्रेस का कहना है कि मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री तत्काल प्रभाव से हटाया जाना चाहिए और पश्चिम अरुणाचल लोकसभा क्षेत्र से तापिर गांव की उम्मीदवारी तत्काल रद्द की जानी चाहिए।

अरुणाचल बीजेपी अध्यक्ष तापिर गाव ने कांग्रेस के आरोपों पर कहा, “वो बीजेपी उम्मीदवार और उसके साथ कोई पूर्व विधाक का अपना निजी कार में व्यक्तिगत पैसा है। उसमें तो ना प्रेमा खांडू का नाम है और ना मेरा है। यह बीजेपी का पैसा नहीं है।”

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