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राजगंज: राजगंज थानाकुल्ही का युवक मो. रियासत अली (27) द्वारा बनाई गई फाइटर जेट विमान- एफ 22 की प्रतिकृति ने देश के वैज्ञानिकों को भी अपना मुरीद बना लिया है. वहीँ दूसरी और पुलिस प्रशासन ले लिए ये प्रतिकृति शक के घेरे में है.

पेशे से इलेक्ट्रिकल मिस्त्री रियासत ने आठ वर्षों के लंबे शोध व दो माह की कड़ी मेहनत के बाद फाइटर जेट एफ 22 टाइप का वर्किंग मॉडल बनाया. दो किलोग्राम वजन और ढाई फीट चौड़ा व ढाई फीट लंबा वर्किंग विमान लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से उड़ान भरता है. यह लगभग 700 फीट की ऊंचाई पर उड़ता है. साथ ही रिमोट संचालित विमान को 500 फीट से ऑपरेट किया जाता है.

जब रियासत ने इसका परीक्षण किया तो कुछ लोगों ने इस बात की शिकायत पुलिस प्रशासन से कर दी. जिसके बाद राजगंज पुलिस ने इस प्रतिकृति को जब्त कर लिया. हालांकि पूरी जांच के बाद रियासत को उसकी प्रतिकृति वापस कर दी गई. थाना प्रभारी उमेश प्रसाद कहते हैं, ‘लोगों की शिकायत पर हमने विमान की पूरी जांच की है. कोई आपत्तिजनक चीज नहीं मिली. रियासत का प्रयोग काबिले-तारीफ है.’

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इसी बीच वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ राजेंद्र सिंह, डॉ इश्तेयाक अहमद, डॉ अरुण सिंह और अशोक कुमार ने युवा वैज्ञानिक रियासत अली के जेट विमान की तकनीक और उड़ान का जायजा लिया. इसके बाद वैज्ञानिकों ने इस मॉडल को बौद्धिक संपदा के तहत सुरक्षित पैटेंट कराने की सलाह दी.

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