Tuesday, October 26, 2021

 

 

 

68500 सहायक अध्यापक भर्ती में धांधली, हाई कोर्ट का एफआईआर का आदेश

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उत्तर प्रदेश में 68500 सहायक अध्यापक भर्ती के तहत नियुक्तियों में बड़े पैमाने पर धांधली उजागर होने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया है।

कोर्ट ने सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी को निर्देश दिया है कि, वह गलत तरीके से अभ्यर्थियों के अंक बढ़ाकर नियुक्तियां देने के दोषियों पर एफआईआर दर्ज कराएं। कोर्ट के सामने अब तक 49 अभ्यर्थियों के मामले आए हैं। इन सभी को बेसिक शिक्षा विभाग पहले ही बर्खास्त कर चुका है।

बर्खास्तगी के खिलाफ आई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति नीरज तिवारी ने यह आदेश दिया है। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि याचीगण 68500 सहायक अध्यापक भर्ती में सफल रहे और उनको नियुक्ति दी गई। वे काम भी कर रहे थे। 16 अगस्त 2019 को उनको सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।

कोर्ट के आदेश पर याचीगण की उत्तर पुस्तिकाएं अदालत में प्रस्तुत की गई। कोर्ट ने जांच में पाया कि इन सभी उत्तर पुस्तिकाओं के टेबुलेशन चार्ट में अंक बढ़ाए गए हैं। 14 उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में पता चला कि टेबुलेशन चार्ट और उत्तर पुस्तिका में मिले अंकों में काफी अंतर है।

जिसके बाद सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश देते हुए कोर्ट ने 11 दिसंबर को सभी पक्षों को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

18 अंक वाले को दे दिए 81 अंक
एक अभ्यर्थी दिव्या अग्रहरि को 18 अंक मिले थे। पुनर्मूल्यांकन में उसे 19 अंक मिले, लेकिन टेबुलेशन चार्ट में उसे 81 अंक दे दिए गए। इसी प्रकार से बसंत कुमार यादव को आठ अंक मिले थे। पुनर्मूल्यांकन में नौ अंक मिले जबकि टेबुलेशन में उसे 75 अंक दे दिए गए। अन्य सभी उत्तर पुस्तिकाओं और टेबुलेशन चार्ट में इसी प्रकार का अंतर देखने को मिला। कोर्ट ने कहा कि इन उत्तर पुस्तिकाओं को देखने से स्पष्ट है कि नियुक्ति में बड़े पैमाने पर धांधली की गई है।

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