झारखंड के रांची के पिथौरिया में पुलिस ने दो समुदायों में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने के मामले में गिरफ्तार पिठोरिया निवासी ऋचा पटेल उर्फ ऋचा भारती को जेएम मनीष कुमार की अदालत से सोमवार को पेश किया। जहां उसे जमानत मिल गई। ऋचा को सात-सात हजार रुपये के दो निजी मुचलके भरने का निर्देश कोर्ट की ओर से दिया गया।अदालत ने उसे कुरान की पांच प्रतियां दान करने का भी निर्देश दिया।

हालांकि अब  ऋचा भारती ने निचली अदालत के आदेश को मानने से इन्कार कर दिया है। ऋचा ने कहा है कि मैं कुरान बांटने नहीं जा रही हूं। हमारा परिवार निचली अदालत के इस आदेश से खुश नहीं हैं। हम इस पर विचार कर रहे है। हम ऊपरी अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। ऋचा पटेल से जब यह पूछा गया कि कोर्ट ने उन्हें इसी शर्त पर जमानत दी है। इसके जवाब में ऋचा ने कहा कि नहीं, मैं कोर्ट का आदेश नहीं मानने जा रही हूं। आज मुझे कुरान बांटने के लिए बोल रहे हैं, कल बोलेंगे इस्लाम स्वीकार कर लो, नमाज पढ़ लो, कुछ और कर लो। यह कहां तक जायज है।

बता दें कि ऋचा को पांच में से एक प्रति शिकायतकर्ता अौर बाकी चार प्रति स्कूल-कॉलेज या विश्वविद्यालय में दान करने को कहा गया है। इसी शर्त पर जमानत अर्जी स्वीकार की गई। नियम व शर्तों को 15 दिनों के अदंर पूरा करने का निर्देश दिया गया है।

साथ ही अदालत ने कुरान दान के दौरान युवती को सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश पुलिस प्रशासन को दिया है। अदालत ने उसकी जमानत अर्जी सात-सात हजार के दो निजी मुचलके पर स्वीकार की। शर्तों के आधार पर एक जमानतदार रिश्तेदार एवं दूसरा जमानतदार स्थानीय नागरिक बना।

ऋचा ने तबरेज अंसारी की लिंचिंग की घटना से जुड़े दूसरे सोशल मीडिया यूजर्स के भड़काऊ संदेशों को शेयर किया। साथ ही कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में विभूतियों और फिल्मी सितारों के खिलाफ भी टिप्पणी की गई। वहीं, ‘देशभक्ति’ से संबंधित एक पोस्ट में महात्मा गांधी की शिक्षाओं का परित्याग करने की बात कही गई।

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