केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में प्रवेश की कोशिशि करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता रेहाना फातिमा को आज केरल के हाईकोर्ट ने सशर्त जमानत दे दी है।

फातिमा को सोशल मीडिया पर सबरीमला और अयप्पा श्रद्धालुओं के बारे में कथित तौर पर विवादास्पद टिप्पणी करने के मामले में पथानामथिट्टा पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था। न्यायमूर्ति सुनील थॉमस द्वारा पारित जमानत आदेश में कहा गया है कि फातिमा को पंपा पुलिस स्टेशन की सीमाओं में प्रवेश करने से रोका जाये।

मालूम हो कि 16 नवंबर को केरल हाईकोर्ट ने रेहाना फातिमा की अग्रिम जमानत अर्जी को खारिज कर दिया था। पुलिस ने रेहाना फातिमा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 295 ए के तहत मामला दर्ज किया था।  इसके पहले भारत समाचार निगम लिमिटेड (BSNL) ने रेहाना फातिमा को टेलीकॉम टेक्नीशियन की पोस्ट से सस्पेंड कर दिया था। कंपनी ने यह फैसला उनकी गिरफ्तारी के बाद लिया है।

हालांकि रेहाना फातिमा का विवादों से पुराना नाता है। इसी साल मार्च में भी वे सुर्खियों में रही थीं। दरअसल कोझीकोड के एक प्रोफेसर के बयान के विरोध में ऐसा हुआ था। उस प्रोफेसर ने कहा था कि महिलाओं को अपने तरबूज जैसे स्तनों को ढंककर रखना चाहिए। इसके विरोध में रेहाना ने एक फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी, जिसमें वे अपने स्तनों को तरबूज से ढंके हुए थीं।

2014 में उन्होंने केरल में मोरल पुलिसिंग के खिलाफ चल रहे किस ऑफ लव कैंपेन में भी हिस्सा लिया था। उनके पार्टनर, फिल्मकार मनोज के श्रीधर ने किस करते हुए एक क्लिप फेसबुक पर शेयर भी की थी।

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