Wednesday, August 4, 2021

 

 

 

रज़ा एकेडमी ने छेड़ी नशे के खिलाफ जंग

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मुंबई: नशे के सौदागरों ने युवाओं और बच्चों की रगों में जहर घोल दिया है। आज शहर की एक बड़ी आबादी ड्रग्स माफिया का शिकार है। ऐसे में रज़ा एकेडमी ने नशे के खिलाफ जंग का ऐलान किया है। जिसको लेकर गुरुवार को रज़ा एकेडमी के एक डेलीगेशन ने नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के डाइरेक्टर जनरल समीर वानखेडे से मुलाक़ात की।

हुजूर मोईन उल मशाईख हजरत सैयद मोईन मियां साहब के नेतृत्व में हुई इस मुलाक़ात के दौरान प्रतिनिधिमण्डल ने डीजी वानखेडे का ध्यान शहर में चल रहे नशे के कारोबार की और दिलाया। सैयद मोईन मियां ने कहा कि मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है। दुनिया भर से लोग यहां आते है। लेकिन ड्रग्स माफिया ने शहर को नशे की लत में झौंक दिया है। देश का भविष्य बर्बाद हो रहा है। ऐसे में इस पर काबू पाना वक्त की सबसे बड़ी जरूरत है।

वहीं अल्हाज मुहम्मद सईद नूरी साहब ने कहा कि ड्रग्स माफिया का सबसे आसान शिकार मुस्लिम बच्चे है। रोजगारऔर अशिक्षा के अभाव में उन्हे आसानी से शिकार बनाया जा रहा है। मुस्लिम बस्तियाँ नशे का अड्डा बनती जा रही है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण प्रशासन की खामोशी है। उन्होने कहा कि एक बड़ी सख्या में मुस्लिम युवा अपनी जिंदगी बर्बाद कर चुके है वहीं कई बर्बाद करने की राह पर है।

उन्होने कहा, मुसलमानों को साजिशन नशे की और धकेला जा रहा है। मुस्लिम युवाओं को नशे की लत लगाकर उन्हे जिंदालाश बना दिया जाता है। जिससे समाज में उसकी कोई हैसियत नहीं रह जाती। बल्कि उसकी गिनती असामाजिक तत्वों में होने लगती है। उन्होने कहा, ये सिर्फ मुंबई का ही नहीं पूरे मुल्क का हाल है।

इस पर डीजी वानखेडे ने कहा कि इस लड़ाई में हम सब को मिलकर लड़ना होगा। हम सब मिलकर इसके खिलाफ लड़ेंगे तो आसानी से इस पर काबू पा लेंगे। और अपने नौजवान बच्चों की जिंदगियाँ नशे की इस बुरी लत से बचा लेंगे। उन्होने मुस्लिम उलेमाओं, बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं से आगे आने की अपील की। उन्होने रज़ा एकेडमी को हर संभव मदद का भी आश्वासन दिया।

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