Friday, January 28, 2022

बरेली में रविशंकर के लिए नहीं खुले मदरसें के दरवाजें, वापस लोटना पड़ा

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सुलह-समझौते के नाम पर राम मंदिर निर्माण के लिए बाबरी मस्जिद की जमीन हासिल करने में जुटे आर्ट ऑफ़ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर विशेष विमान से आज बरेली पहुंचे. इस दौरान उन्होंने दरगाह आला हजरत की जियारत की, साथ ही ऑल इंडिया इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल (आइएमएसी) के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खां से भी मुलाकात की.

दूसरी और श्रीश्री रविशंकर के इस दौरे से दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन और अन्य उलमा दूरी बनाए रखी. श्रीश्री रविशंकर जानशीन मुफ्ती आजम हिंद मौलाना अख्तर रजा खान अजहरी मियां के मदरसा जामिया तुल रजा इस्लामिक स्टडी सेंटर मथुरापुर भी पहुंचे. हालांकि उन्हें मदरसे के बाहर से ही मायूस लौटना पड़ा.

दरअसल, दरगाह का एक धड़ा श्री श्री रविशंकर के बरेली आने को लेकर खफा है. शहर काजी के दामाद सलमान हसन खान कादरी ने बताया कि श्री श्री रविशंकर के आने की हमें कोई सूचना नहीं थी और ना ही हमारे मदरसे में आने की कोई जानकारी दी गई. उन्होंने बताया, मदरसे के गेट 12 बजे बंद कर दिए जाते हैं हमारी इजाजत के बिना फिर वहां कोई नहीं जा सकता. गेट पर 15 मिनट खड़े रहने के बाद श्री श्री रविशंकर अलखनाथ मंदिर के लिए रवाना हो गए.

दरगाह आला हजरत पर हाजिरी लगाने के बाद मीडिया से बातचीत में श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि हम नहीं चाहते कि खाड़ी देशों (मिडिल ईस्ट) की तरह यहां भी किसी मुद्दे को लेकर हालात इतने खराब हो जाएं. लिहाजा अयोध्या मुद्दे पर कोर्ट के बाहर दोनों पक्षों का बैठना बहुत जरूरी है. शांति का यही पैगाम लेकर दरगाह आला हजरत आए हैं. कामना है कि हमारे देश में अमन कायम रहे.

उन्होंने बताया, मंदिर और मस्जिद मुद्दे पर अपना फार्मूला इत्तेहाद ए मिल्लत काउंसिल के अध्यक्ष और नबीरे आला हजरत मौलाना तौकीर रजा खां के सामने रखा है. मुझे उम्मीद है कि इसके अच्छे परिणाम सामने आएंगे. मसले का हल निकलेगा.

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