उत्तरप्रदेश में दलितों के साथ हिंसा की घटनाओं के एक के बाद एक मामले सामने आ रहे है. बांदा जिले के बिसंडा क्षेत्र में एक दलित विवाहिता के साथ घर में घुसकर बलात्कार किया गया तो वहीँ प्रतापगढ़ के अजगरा गांव में दलित युवती को जिंदा जलाकर मार दिया गया.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार को बिसंडा क्षेत्र के एक गांव में 22 साल की दलित विवाहिता के साथ उसके पड़ोसी युवक बुद्धिविलास यादव ने घर में घुसकर मारपीट करने के बाद कथित रूप से बलात्कार किया, जबकि उसका साथी रामलाल यादव बाहर से दरवाजे की कुंड़ी बंद कर पहरेदारी करता रहा. विवाहिता की तहरीर के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है.

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वहीँ प्रतापगढ़ जिले के लालगंज क्षेत्र में कथित पुरानी रंजिश के कारण एक दलित युवती की जलाकर हत्या करने का मामला सामने आया है. मृतक युवती की मां ने पुलिस को बताया कि डॉक्टर बंगाली ने रंजिश के चलते अपने बेटे कल्लू के साथ मिलकर उनकी 19 साल की बेटी अंजू को जिंदा आग के हवाले कर दिया और बाहर से दरवाजा बंद कर फरार हो गया.

वारदात के दौरान घर के सामने से एक स्थानीय युवक गुजर रहा था को उसने घर के भीतर से आ रही चीख सुनी. जब वह घर में घुसा तो वहां अंजू आग की लपटों में घिरी मदद के लिए चीख रही थी. युवक जान की परवाह किए बगैर अंजू को आग की लपटों से बचाने में जुट गया, जिसके चलते वह खुद भी झुलस गया.

चीख-पुकार सुनकर पड़ोस में गई मां घर आने के बाद आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद 80 प्रतिशत जल चुकी बेटी को इलाहबाद रेफर कर दिया. लेकिन इलाज के दौरान अंजू की मौत हो गई.

इस मामले में प्रदेश सरकार के प्रवक्ता और स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह का कहना है कि वास्तविकता सामने आने पर कानून सम्मत कार्रवाई होगी. उन्होंने कहा कि यूपी में कानून व्यवस्था पहले से बेहतर हुई. हालांकि अभी भी सुधार की गुंजाइश है. उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ 10 माह में सख्त कार्रवाई हुई है.